ओडिशा ने ₹5,000 करोड़ की 'बिकशित गाँव, बिकशित ओडिशा' ग्रामीण अवसंरचना योजना शुरू की
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 5 फ़रवरी 2025 को खोर्धा ज़िले के जानकिया में पाँच वर्षों में ₹5,000 करोड़ वाली 'बिकशित गाँव, बिकशित ओडिशा' ग्रामीण विकास योजना शुरू की।
सारांश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 5 फ़रवरी 2025 को खोर्धा ज़िले के जानकिया में ग्रामीण अवसंरचना की छत्र योजना 'बिकशित गाँव, बिकशित ओडिशा' (BGBO) शुरू की। योजना में पाँच वर्षों के लिए ₹5,000 करोड़ का प्रावधान है, जिसमें 2024-25 के लिए ₹1,000 करोड़ शामिल हैं, और इसका ध्यान ग्रामीण सड़कों व संपर्क, नागरिक सुविधाओं, शिक्षा व खेल सुविधाओं तथा सूक्ष्म-पर्यटन पर है। केवल ग्राम सभाओं द्वारा स्वीकृत परियोजनाएँ ली जाएँगी और जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों पर विशेष ज़ोर होगा।
मुख्य तथ्य
- शुरुआत
- 5 फ़रवरी 2025, जानकिया, खोर्धा ज़िला, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
- परिव्यय
- पाँच वर्षों में ₹5,000 करोड़ (2024-25 के लिए ₹1,000 करोड़)
- केंद्र
- ग्रामीण सड़कें, नागरिक सुविधाएँ, शिक्षा व खेल सुविधाएँ, सूक्ष्म-पर्यटन
- प्रक्रिया
- ग्राम सभा द्वारा स्वीकृत परियोजनाएँ; जनजातीय क्षेत्रों पर ज़ोर
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
5 फ़रवरी 2025 को शुरू की गई ओडिशा की 'बिकशित गाँव, बिकशित ओडिशा' योजना का पाँच वर्षों का कुल प्रावधान कितने करोड़ रुपये है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 5,000
योजना में पाँच वर्षों के लिए ₹5,000 करोड़ का प्रावधान है, जिसमें 2024-25 के लिए ₹1,000 करोड़ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 5 फ़रवरी 2025 को 'बिकशित गाँव, बिकशित ओडिशा' योजना कहाँ शुरू की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — जानकिया, खोर्धा ज़िला
योजना भुवनेश्वर से लगभग 45 किमी दूर खोर्धा ज़िले के जानकिया में शुरू की गई।
फ़रवरी 2025 में शुरू हुई ओडिशा की 'बिकशित गांव, बिकशित ओडिशा' योजना में परियोजनाएं किस निकाय की मंज़ूरी के बाद ही ली जाती हैं?
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सही उत्तर: A — ग्राम सभाएं
योजना के तहत परियोजनाएं केवल ग्राम सभाओं की मंज़ूरी पर ली जाएंगी, जिसमें जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों पर ज़ोर है।