नोबेल शांति पुरस्कार 2024 जापान के निहोन हिदानक्यो को
11 अक्टूबर 2024 को ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने नोबेल शांति पुरस्कार 2024 हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु बम पीड़ितों के जापानी आंदोलन निहोन हिदानक्यो को दिया।
सारांश
11 अक्टूबर 2024 को ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने 2024 का नोबेल शांति पुरस्कार जापानी संगठन निहोन हिदानक्यो को देने की घोषणा की, जो हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु बम पीड़ितों (हिबाकुशा) का ज़मीनी आंदोलन है। यह पुरस्कार परमाणु हथियार-मुक्त विश्व के प्रयासों और गवाहों की गवाही से यह दिखाने के लिए दिया गया कि परमाणु हथियारों का फिर कभी उपयोग नहीं होना चाहिए। निहोन हिदानक्यो, जापान कन्फेडरेशन ऑफ A- एंड H-बम सफरर्स ऑर्गनाइज़ेशंस का संक्षिप्त जापानी नाम है, जिसका गठन 1956 में हुआ। समिति ने परमाणु हथियारों के उपयोग के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय मानदंड, जिसे 'परमाणु वर्जना' (nuclear taboo) कहा जाता है, की स्थापना में हिबाकुशा के योगदान को सराहा।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 11 अक्टूबर 2024, ओस्लो
- विजेता
- निहोन हिदानक्यो (जापान)
- कौन
- हिबाकुशा: हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु बम पीड़ित
- पूरा नाम
- जापान कन्फेडरेशन ऑफ A- एंड H-बम सफरर्स ऑर्गनाइज़ेशंस
- गठन
- 1956
- प्रदानकर्ता
- नॉर्वेजियन नोबेल समिति
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
11 अक्टूबर 2024 को घोषित नोबेल शांति पुरस्कार 2024 किसे दिया गया?
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सही उत्तर: B — निहोन हिदानक्यो
नॉर्वेजियन नोबेल समिति (ओस्लो, 11 अक्टूबर 2024): 2024 का नोबेल शांति पुरस्कार जापानी संगठन निहोन हिदानक्यो को दिया गया।
नोबेल शांति पुरस्कार 2024 विजेता से जुड़ा शब्द 'हिबाकुशा' किन्हें संदर्भित करता है?
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सही उत्तर: C — हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बमबारी के उत्तरजीवी
नोबेल प्रेस विज्ञप्ति (11 अक्टूबर 2024): निहोन हिदानक्यो हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु बम उत्तरजीवियों (हिबाकुशा) का ज़मीनी आंदोलन है।
नोबेल शांति पुरस्कार 2024 विजेता निहोन हिदानक्यो का गठन किस वर्ष हुआ?
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सही उत्तर: D — 1956
नोबेल प्रेस विज्ञप्ति (11 अक्टूबर 2024): 1956 में स्थानीय हिबाकुशा संघों और प्रशांत परमाणु परीक्षण पीड़ितों ने जापान कन्फेडरेशन ऑफ A- एंड H-बम सफरर्स ऑर्गनाइज़ेशंस बनाया, जिसका संक्षिप्त नाम निहोन हिदानक्यो है।
नोबेल शांति पुरस्कार 2024 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी घोषणा नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने ओस्लो में की। 2. समिति ने परमाणु हथियारों के उपयोग के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय मानदंड को 'परमाणु वर्जना' (nuclear taboo) कहा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। प्रेस विज्ञप्ति नॉर्वेजियन नोबेल समिति की ओर से ओस्लो, 11 अक्टूबर 2024 की है, और कहती है कि परमाणु हथियार उपयोग को कलंकित करने वाला मानदंड 'परमाणु वर्जना' के नाम से जाना जाता है।