नीति आयोग ने MSME प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर रिपोर्ट जारी की
नीति आयोग ने 2 मई 2025 को इंस्टीट्यूट फ़ॉर कॉम्पिटिटिवनेस के साथ तैयार रिपोर्ट 'भारत में MSME प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना' जारी की।
सारांश
नीति आयोग ने 2 मई 2025 को इंस्टीट्यूट फ़ॉर कॉम्पिटिटिवनेस के साथ तैयार रिपोर्ट 'भारत में MSME प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना' जारी की। यह चार क्षेत्रों पर केंद्रित है: वस्त्र एवं परिधान, रासायनिक उत्पाद, ऑटोमोटिव और खाद्य प्रसंस्करण। रिपोर्ट के अनुसार 2020 से 2024 के बीच अनुसूचित बैंकों से ऋण पाने वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों का हिस्सा 14% से बढ़कर 20% और मध्यम उद्यमों का 4% से बढ़कर 9% हुआ, लेकिन बड़ा ऋण अंतर बना हुआ है और MSME ऋण माँग का केवल 19% ही औपचारिक रूप से पूरा होता है। रिपोर्ट राज्य स्तर पर बेहतर नीति डिज़ाइन और क्रियान्वयन की सिफ़ारिश करती है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 2 मई 2025
- साझेदार
- इंस्टीट्यूट फ़ॉर कॉम्पिटिटिवनेस
- सूक्ष्म व लघु ऋण हिस्सा
- 14% से 20%
- मध्यम उद्यम
- 4% से 9%
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
नीति आयोग ने MSME प्रतिस्पर्धात्मकता पर मई 2025 की रिपोर्ट किस संगठन के सहयोग से तैयार की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — इंस्टीट्यूट फ़ॉर कॉम्पिटिटिवनेस
रिपोर्ट नीति आयोग ने इंस्टीट्यूट फ़ॉर कॉम्पिटिटिवनेस (IFC) के सहयोग से तैयार की।
नीति आयोग की MSME रिपोर्ट (मई 2025) के अनुसार अनुसूचित बैंकों से ऋण पाने वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों का हिस्सा 2020 के 14% से बढ़कर 2024 में कितना हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 20%
यह 14% से बढ़कर 20% हुआ; मध्यम उद्यमों के लिए 4% से 9% हुआ।