नीति आयोग के फ़्रंटियर टेक हब ने ‘टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ – रीइमैजिनेशन अहेड’ रोडमैप जारी किया
नीति आयोग के फ़्रंटियर टेक हब ने 12 फरवरी 2026 को दस वर्षीय रोडमैप ‘टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ – रीइमैजिनेशन अहेड’ जारी किया, जिसके अनुसार भारत का प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र 2035 तक लगभग 265 अरब डॉलर से बढ़कर 750–850 अरब डॉलर हो सकता है।
सारांश
नीति आयोग के फ़्रंटियर टेक हब ने 12 फरवरी 2026 को दस वर्षीय रोडमैप ‘टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ – रीइमैजिनेशन अहेड’ जारी किया, जिसका अनावरण वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया। रोडमैप के अनुसार भारत का लगभग 265 अरब डॉलर का प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र 2035 तक 750–850 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है, क्योंकि AI युग में मूल्य श्रम-लागत लाभ से हटकर IP-आधारित, प्लेटफ़ॉर्म-आधारित डिलीवरी की ओर जा रहा है। इसमें पाँच विकास लीवर बताए गए हैं: एजेंटिक AI, सॉफ़्टवेयर व उत्पाद, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार-आधारित इंजीनियरिंग और ‘भारत के लिए भारत’ समाधान।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 12 फरवरी 2026
- द्वारा
- नीति आयोग फ़्रंटियर टेक हब
- अनावरण
- पीयूष गोयल
- लक्ष्य
- 2035 तक ~265 अरब डॉलर से 750–850 अरब डॉलर
- पाँच लीवर
- एजेंटिक AI, सॉफ़्टवेयर व उत्पाद, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार-आधारित इंजीनियरिंग, भारत के लिए भारत
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
फरवरी 2026 के नीति आयोग के ‘टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ – रीइमैजिनेशन अहेड’ रोडमैप के अनुसार 2035 तक भारत का प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र किस आकार तक पहुँच सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 750–850 अरब डॉलर
रोडमैप के अनुसार यह लगभग 265 अरब डॉलर से 2035 तक 750–850 अरब डॉलर हो सकता है।