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NIT कालीकट के वैज्ञानिकों ने सेप्सिस मार्कर पहचानने वाला सस्ता नैनो-सेंसर बनाया

23 जुलाई 2025 को विज्ञान मंत्रालय ने बताया कि NIT कालीकट के वैज्ञानिकों ने सेप्सिस के प्रमुख बायोमार्कर एंडोटॉक्सिन का तेज़ी से पता लगाने वाले सस्ते नैनो-सेंसर और पोर्टेबल उपकरण विकसित किए हैं।

सारांश

केरल के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) कालीकट के वैज्ञानिकों ने एंडोटॉक्सिन का तेज़ और सटीक पता लगाने के लिए आठ सेंसर संरचनाएँ और एक सस्ता पोर्टेबल उपकरण विकसित किया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 23 जुलाई 2025 को बताया। ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया की बाहरी झिल्ली का विषैला घटक एंडोटॉक्सिन उन संक्रमणों का प्रमुख बायोमार्कर है जो सेप्सिस तक ले जा सकते हैं। प्रो. एन. संध्यारानी और उनकी टीम द्वारा विकसित सात सेंसर विद्युत-रासायनिक पहचान और एक प्रकाशीय पहचान का उपयोग करता है; संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए सोने के क्लस्टर, MoS2, रिड्यूस्ड ग्राफीन ऑक्साइड और कार्बन नैनोट्यूब जैसे नैनो पदार्थ प्रयुक्त हुए।

मुख्य तथ्य

तिथि
23 जुलाई 2025
संस्थान
NIT कालीकट, केरल
बायोमार्कर
एंडोटॉक्सिन
रोग
सेप्सिस

अभ्यास MCQ 1 प्रश्न

Q1 उन्नत

NIT कालीकट में विकसित सस्ता नैनो-सेंसर (जुलाई 2025 में रिपोर्ट) एंडोटॉक्सिन का पता लगाकर किसके शीघ्र निदान में मदद करता है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — सेप्सिस

PIB (23 जुलाई 2025): विद्युत-रासायनिक बायोसेंसर उपकरण सेप्सिस के शीघ्र निदान में मदद कर सकता है; ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया का एंडोटॉक्सिन प्रमुख बायोमार्कर है।

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