बेंगलुरु में खदान में चट्टान गिरने से 7 प्रवासी मज़दूरों की मौत पर NHRC ने स्वतः संज्ञान लिया
NHRC ने 6 जुलाई 2026 को बेंगलुरु की एक खदान में 2 जुलाई 2026 को ग्रेनाइट चट्टान गिरने से कम से कम 7 प्रवासी मज़दूरों की मौत और 5 के घायल होने पर स्वतः संज्ञान लेकर कर्नाटक के मुख्य सचिव से दो सप्ताह में रिपोर्ट माँगी।
सारांश
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने 6 जुलाई 2026 को उस मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया जिसके अनुसार 2 जुलाई 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु में एक खदान में विशाल ग्रेनाइट चट्टान गिरने से कम से कम 7 प्रवासी मज़दूरों की मौत हुई और 5 घायल हुए। घटना के समय लगभग 16 मज़दूर मौजूद थे और रिपोर्ट में खदान मालिक की लापरवाही का संकेत था। आयोग ने कर्नाटक के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट माँगी। NHRC जिस मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत काम करता है, वह 28 सितंबर 1993 से लागू माना गया है।
मुख्य तथ्य
- घटना
- 2 जुलाई 2026, बेंगलुरु
- हताहत
- कम से कम 7 मृत, 5 घायल
- कार्रवाई
- कर्नाटक के मुख्य सचिव को नोटिस
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 को 8 जनवरी 1994 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसे किस तारीख से लागू माना गया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 28 सितंबर 1993
अधिनियम की धारा 1(3) के अनुसार यह 28 सितंबर 1993 से लागू माना गया है।