NHRC ने उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठों में बंधुआ मज़दूरी के 216 मामलों की सुनवाई की
न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 16 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन सुनवाई में उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठों में कथित बंधुआ मज़दूरी के 216 मामलों की सुनवाई की।
सारांश
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने 16 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन सुनवाई में उत्तर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों के ईंट भट्ठों में कथित बंधुआ मज़दूरी के 216 मामलों की सुनवाई की। NHRC अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन ने महासचिव भरत लाल के साथ अध्यक्षता की, और राज्य के श्रम आयुक्त व ज़िला अधिकारी शामिल हुए। अध्यक्ष ने कहा कि अभिलेख प्रस्तुत न करने और न्यूनतम मज़दूरी मानकों का पालन न करने जैसी विफलताएँ बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 और केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत मज़दूरों को बचाव, मुक्ति और पुनर्वास से वंचित करती हैं। राज्य श्रम आयुक्त ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों की रिपोर्ट तीन सप्ताह में दी जाएगी।
मुख्य तथ्य
- निकाय
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
- मामले
- उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठों में कथित बंधुआ मज़दूरी के 216 मामले
- तिथि
- 16 अप्रैल 2026 (ऑनलाइन सुनवाई)
- अध्यक्षता
- अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन
- क़ानून
- बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976
- आश्वासन
- तीन सप्ताह में रिपोर्ट (राज्य श्रम आयुक्त)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अप्रैल 2026 में NHRC ने किस राज्य के ईंट भट्ठों में कथित बंधुआ मज़दूरी के 216 मामलों की सुनवाई की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — उत्तर प्रदेश
मामले उत्तर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों के ईंट भट्ठों से संबंधित थे।
अप्रैल 2026 में NHRC द्वारा उल्लिखित, बंधुआ मज़दूरों को बचाव, मुक्ति और पुनर्वास का अधिकार देने वाला क़ानून है:
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976
NHRC ने बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 और केंद्रीय क्षेत्र योजना का उल्लेख किया।