NHAI-WII रिपोर्ट 'लैंडस्केप्स रिकनेक्टेड': दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर के अंडरपास का वन्यजीव उपयोग कर रहे
मंत्रालय ने 10 अप्रैल 2026 को बताया कि NHAI और भारतीय वन्यजीव संस्थान ने 'लैंडस्केप्स रिकनेक्टेड' अध्ययन जारी किया, जिसमें दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के गणेशपुर–आशारोड़ी खंड पर पशु अंडरपास का उपयोग करती 18 वन्य प्रजातियों की लगभग 40,444 तस्वीरें दर्ज हुईं।
सारांश
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 10 अप्रैल 2026 को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने 'लैंडस्केप्स रिकनेक्टेड' नामक रिपोर्ट जारी की, जो दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर पर पशु अंडरपास के वन्यजीव उपयोग का पहला प्रमाण है। गणेशपुर और आशारोड़ी के बीच 18 किमी खंड पर हुए अध्ययन में अंडरपास का उपयोग करती 18 वन्य प्रजातियों की लगभग 40,444 तस्वीरें दर्ज हुईं। यह वन क्षेत्र बाघ, हाथी, ग्रेटर हॉर्नबिल और किंग कोबरा जैसी संकटग्रस्त प्रजातियों का आवास है। गणेशपुर–आशारोड़ी खंड में 10.97 किमी लंबा पशु अंडरपास है, जिसमें औसतन 6–7 मीटर ऊँचा, एशिया के सबसे बड़े उन्नत वन्यजीव गलियारों में से एक शामिल है।
मुख्य तथ्य
- रिपोर्ट
- 'लैंडस्केप्स रिकनेक्टेड', NHAI और भारतीय वन्यजीव संस्थान
- खंड
- 18 किमी, गणेशपुर–आशारोड़ी, दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर
- प्रमाण
- अंडरपास का उपयोग करती 18 वन्य प्रजातियों की ~40,444 तस्वीरें
- संरचना
- 10.97 किमी पशु अंडरपास; 6–7 मीटर ऊँचा उन्नत गलियारा
- क्षेत्र की प्रजातियाँ
- बाघ, हाथी, ग्रेटर हॉर्नबिल, किंग कोबरा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अप्रैल 2026 में जारी, दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर पर पशु अंडरपास के वन्यजीव उपयोग पर NHAI-WII रिपोर्ट का शीर्षक क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — लैंडस्केप्स रिकनेक्टेड
रिपोर्ट का शीर्षक 'लैंडस्केप्स रिकनेक्टेड' है।
दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर पर NHAI-WII वन्यजीव अध्ययन किस खंड पर किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — गणेशपुर–आशारोड़ी
अध्ययन गणेशपुर और आशारोड़ी के बीच 18 किमी खंड पर हुआ।