एनएचएआई 1 दिसंबर 2026 से बड़े पुलों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग संरचनाओं के डिज़ाइन की स्वतंत्र जाँच शुरू करेगा
15 अक्टूबर 2026 को एनएचएआई ने बड़े पुलों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग संरचनाओं के डिज़ाइन की सूचीबद्ध आईआईटी व अन्य संस्थानों द्वारा स्वतंत्र जाँच की एकसमान व्यवस्था घोषित की, जो 1 दिसंबर 2026 से लागू होगी।
सारांश
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 15 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में बड़े पुलों और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं के डिज़ाइन व ड्रॉइंग की स्वतंत्र जाँच की एकसमान व्यवस्था घोषित की। डिज़ाइनों की जाँच सूचीबद्ध आईआईटी, प्रतिष्ठित सरकारी तकनीकी संस्थान और अनुभवी फर्में करेंगी, ताकि भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) कोड का पालन सुनिश्चित हो। नीति 3,000 घन मीटर प्रति सेकंड या अधिक डिज़ाइन डिस्चार्ज वाले बड़े नदी पुलों और 40 मीटर या अधिक प्रभावी स्पैन वाली संरचनाओं पर लागू होगी और 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगी।
मुख्य तथ्य
- एजेंसी
- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई)
- कदम
- बड़े पुलों और महत्वपूर्ण संरचनाओं के डिज़ाइन/ड्रॉइंग की स्वतंत्र जाँच
- जाँचकर्ता
- सूचीबद्ध आईआईटी, सरकारी तकनीकी संस्थान, अनुभवी फर्में
- दायरा
- ≥ 3,000 घन मीटर/सेकंड डिज़ाइन डिस्चार्ज वाले नदी पुल; ≥ 40 मीटर प्रभावी स्पैन वाली संरचनाएँ
- मानक
- भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) कोड
- लागू
- 1 दिसंबर 2026
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
एनएचएआई की बड़े पुलों के डिज़ाइन की स्वतंत्र जाँच की नई नीति किस तिथि से लागू होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1 दिसंबर 2026
एनएचएआई की स्वतंत्र डिज़ाइन-जाँच नीति (अक्टूबर 2026) कम से कम कितने प्रभावी स्पैन वाली संरचनाओं पर लागू है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 40 मीटर