NCSC के हस्तक्षेप के बाद DFS ने SLBC को अनुसूचित जाति लाभार्थियों की योजना-वार और बैंक-वार रिपोर्टिंग का निर्देश दिया
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद वित्तीय सेवा विभाग ने सभी SLBC/UTLBC संयोजकों को प्रमुख वित्तीय योजनाओं में SC लाभार्थियों की योजना-वार और बैंक-वार संख्या व प्रतिशत की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया; कार्रवाई रिपोर्ट 9 अक्टूबर 2026 तक देनी है।
सारांश
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने 7 अक्टूबर 2026 को बताया कि उसके हस्तक्षेप के बाद वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समितियों (SLBC/UTLBC) को प्रमुख सरकारी वित्तीय योजनाओं में सहायता पाने वाले अनुसूचित जाति लाभार्थियों की संख्या और प्रतिशत योजना-वार और बैंक-वार दर्ज करने का निर्देश दिया है। NCSC सचिव विवेक कुमार देवांगन ने 24 सितंबर 2026 को DFS को लिखा था कि SLBC रिपोर्टों में पीएम मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, PMEGP, पीएम स्वनिधि, CGTMSE और MSME व्यावसायिक ऋण जैसी योजनाओं में SC कवरेज नहीं दिखता, जिससे संविधान के अनुच्छेद 338(5)(c) के तहत आयोग के दायित्व में बाधा आती है। DFS ने 5 अक्टूबर 2026 को निर्देश जारी किए और बैंकों के पास पहले से उपलब्ध डेटा के आधार पर 9 अक्टूबर 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट माँगी।
मुख्य तथ्य
- आयोग
- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC)
- निर्देश
- वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय (दिनांक 5 अक्टूबर 2026)
- किसे
- सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के SLBC/UTLBC संयोजक
- आवश्यकता
- SC लाभार्थियों की योजना-वार और बैंक-वार संख्या और %
- उल्लेखित योजनाएँ
- PMMY, स्टैंड-अप इंडिया, PMEGP, पीएम स्वनिधि, CGTMSE, MSME व्यावसायिक ऋण
- कार्रवाई रिपोर्ट
- DFS को 9 अक्टूबर 2026 तक
- NCSC का पत्र
- 24 सितंबर 2026, सचिव विवेक कुमार देवांगन
- संवैधानिक दायित्व
- अनुच्छेद 338(5)(c): अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रगति का मूल्यांकन
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रगति के मूल्यांकन के अपने दायित्व के लिए किस संवैधानिक प्रावधान का उल्लेख किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — अनुच्छेद 338(5)(c)