NBA ने धारा 38 के तहत संकटग्रस्त प्रजातियों की पहचान और अधिसूचना के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों हेतु SOP जारी की
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने 26 जून 2026 को बताया कि उसने जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 38 के तहत संकटग्रस्त प्रजातियों की अधिसूचना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।
सारांश
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने 26 जून 2026 को बताया कि उसने जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 38 के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा संकटग्रस्त प्रजातियों की पहचान, आकलन और अधिसूचना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। धारा 38 केंद्र सरकार को संबंधित राज्य सरकार के परामर्श से विलुप्ति के कगार पर किसी प्रजाति को संकटग्रस्त प्रजाति अधिसूचित करने और उसके संग्रह को नियंत्रित या प्रतिबंधित करने का अधिकार देती है; ये शक्तियां राज्यों को सौंपी जा सकती हैं। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय अब तक 17 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों से संबंधित 159 पौधों और 173 जंतु प्रजातियों को संकटग्रस्त अधिसूचित कर चुका है। SOP राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्रशासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की मदद के लिए है, जिसमें जैव विविधता प्रबंधन समितियों, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण की भी भूमिका है।
मुख्य तथ्य
- जारीकर्ता
- राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, 26 जून 2026
- कानून
- धारा 38, जैविक विविधता अधिनियम, 2002
- अब तक अधिसूचित
- 159 पौधे और 173 जंतु प्रजातियां; 17 राज्य और 3 केंद्रशासित प्रदेश
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
26 जून 2026 को राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा जारी SOP जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की किस धारा के तहत संकटग्रस्त प्रजातियों की अधिसूचना से संबंधित है?
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सही उत्तर: C — धारा 38
SOP जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 38 के तहत संकटग्रस्त प्रजातियों की अधिसूचना के लिए है।
पर्यावरण मंत्रालय (जून 2026) के अनुसार जैविक विविधता अधिनियम के तहत अब तक कितनी प्रजातियां संकटग्रस्त अधिसूचित की गई हैं?
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सही उत्तर: A — 159 पौधे और 173 जंतु प्रजातियां
MoEFCC ने 17 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों से संबंधित 159 पौधों और 173 जंतु प्रजातियों को संकटग्रस्त अधिसूचित किया है।
जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 38 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धारा 38 केवल राज्य सरकार को, केंद्र की किसी भूमिका के बिना, किसी प्रजाति को संकटग्रस्त अधिसूचित करने का अधिकार देती है। 2. NBA की जून 2026 की SOP राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्रशासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों को संकटग्रस्त प्रजातियों की पहचान में मदद के लिए है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 2
कथन 1 गलत है: धारा 38 केंद्र सरकार को राज्य सरकार के परामर्श से संकटग्रस्त प्रजातियां अधिसूचित करने का अधिकार देती है (यह शक्ति राज्यों को सौंपी जा सकती है)। कथन 2 सही है।