राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण ने पहुँच और लाभ-साझाकरण के तहत महाराष्ट्र की BMC को ₹68 लाख जारी किए
राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण (NBA) ने 8 जनवरी 2026 को प्रोबायोटिक उत्पादों में बैसिलस मृदा जीवाणुओं के व्यावसायिक उपयोग के लिए पहुँच और लाभ-साझाकरण ढाँचे के तहत वाडा तहसील (पालघर) की जैव-विविधता प्रबंधन समितियों और बृहन्मुंबई नगर निगम को ₹68 लाख जारी किए।
सारांश
राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण (NBA) ने पहुँच और लाभ-साझाकरण (ABS) ढाँचे के तहत महाराष्ट्र में पालघर ज़िले की वाडा तहसील की जैव-विविधता प्रबंधन समितियों (BMC) और बृहन्मुंबई नगर निगम को ₹68 लाख वितरित किए, यह जानकारी पर्यावरण मंत्रालय ने 8 जनवरी 2026 को दी। यह राशि प्रोबायोटिक उत्पाद विकसित करने हेतु बैसिलस वंश के मृदा जीवाणुओं की पहुँच और व्यावसायिक उपयोग से आई है। लगभग 15% ABS आवेदनों में सूक्ष्मजीव शामिल होते हैं, और NBA अब तक केवल महाराष्ट्र में 200+ BMC और सात संस्थानों को लगभग ₹8 करोड़ जारी कर चुका है।
मुख्य तथ्य
- प्राधिकरण
- राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण (NBA)
- राशि
- ₹68 लाख
- लाभार्थी
- वाडा तहसील (पालघर) की BMC और बृहन्मुंबई नगर निगम
- संसाधन
- बैसिलस वंश के मृदा जीवाणु — प्रोबायोटिक उत्पादों में उपयोग
- ABS में सूक्ष्मजीव
- ~15% ABS आवेदन
- महाराष्ट्र कुल
- 200+ BMC और 7 संस्थानों को ~₹8 करोड़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जनवरी 2026 में राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण द्वारा महाराष्ट्र को जारी ₹68 लाख किस जैविक संसाधन के व्यावसायिक उपयोग से आए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — बैसिलस मृदा जीवाणु
PIB (पर्यावरण मंत्रालय): यह राशि प्रोबायोटिक उत्पादों के लिए बैसिलस वंश के मृदा जीवाणुओं के व्यावसायिक उपयोग से आई।
जनवरी 2026 में NBA के ABS वितरण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. राशि पालघर की वाडा तहसील की जैव-विविधता प्रबंधन समितियों और बृहन्मुंबई नगर निगम को गई। 2. लगभग 15% ABS आवेदनों में सूक्ष्मजीव शामिल होते हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
PIB (पर्यावरण मंत्रालय): दोनों कथन सही हैं।