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उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस के लिए 'प्राथमिकता क्षेत्र-2' में रखा गया, औसत खपत का 70% सुनिश्चित

उर्वरक विभाग ने 10 मार्च 2026 को बताया कि प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 उर्वरक संयंत्रों को 'प्राथमिकता क्षेत्र-2' में रखता है और उन्हें पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का कम से कम 70% सुनिश्चित करता है।

सारांश

सरकार ने प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 जारी कर उर्वरक क्षेत्र को गैस आपूर्ति की प्राथमिकता सूची में शामिल किया है; उर्वरक विभाग ने 10 मार्च 2026 को यह जानकारी दी। उर्वरक संयंत्रों को 'प्राथमिकता क्षेत्र-2' में रखा गया है और उन्हें पिछले छह महीनों की औसत प्राकृतिक गैस खपत का कम से कम 70% मिलेगा, ताकि पश्चिम एशिया संघर्ष से LNG आपूर्ति में बाधा के बावजूद घरेलू उत्पादन सुरक्षित रहे। उसी दिन उर्वरक विभाग में उर्वरक कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों की उच्च-स्तरीय बैठक हुई ताकि खरीफ सीजन से पहले संयंत्र चलते रहें, और विभाग ने कहा कि यूरिया का भंडार पिछले साल से काफी अधिक है।

मुख्य तथ्य

घोषणा
10 मार्च 2026, उर्वरक विभाग
आदेश
प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026
उर्वरक दर्जा
प्राकृतिक गैस के लिए 'प्राथमिकता क्षेत्र-2'
सुनिश्चित आपूर्ति
पिछले 6 महीनों की औसत खपत का कम से कम 70%
कारण
पश्चिम एशिया संघर्ष से LNG बाधा
यूरिया
भंडार पिछले साल से काफी अधिक

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 के तहत उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का कम से कम कितना हिस्सा सुनिश्चित किया गया है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 70%

'प्राथमिकता क्षेत्र-2' में रखे गए उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत का कम से कम 70% मिलेगा।

Q2 उन्नत

10 मार्च 2026 की घोषणा के अनुसार उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए किस श्रेणी में रखा गया है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — प्राथमिकता क्षेत्र-2

उर्वरक विभाग ने कहा कि उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए 'प्राथमिकता क्षेत्र-2' में रखा गया है।

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