IWAI ने राष्ट्रीय जलमार्ग (जेटी/टर्मिनल निर्माण) विनियम, 2025 अधिसूचित किए
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 28 फ़रवरी 2025 को बताया कि IWAI द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय जलमार्ग (जेटी/टर्मिनल निर्माण) विनियम, 2025 निजी और अन्य संस्थाओं को राष्ट्रीय जलमार्गों पर टर्मिनल बनाने और चलाने की अनुमति देंगे।
सारांश
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 28 फ़रवरी 2025 को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय जलमार्ग (जेटी/टर्मिनल निर्माण) विनियम, 2025 की घोषणा की। इनसे निजी, सार्वजनिक और संयुक्त उद्यम संस्थाएँ राष्ट्रीय जलमार्गों पर जेटी और टर्मिनल विकसित और संचालित कर सकेंगी। राष्ट्रीय जलमार्ग पर अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल बनाने या चलाने के इच्छुक किसी भी संस्था को IWAI से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। नियम मौजूदा और नए, स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार के टर्मिनलों पर लागू हैं; स्थायी टर्मिनल जीवन भर चलाए जा सकते हैं, जबकि अस्थायी टर्मिनलों को प्रारंभिक पाँच वर्ष की अवधि मिलेगी।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 28 फ़रवरी 2025
- निर्माता
- भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI)
- मुख्य आवश्यकता
- IWAI से अनापत्ति प्रमाण पत्र
- दायरा
- मौजूदा और नए; स्थायी और अस्थायी टर्मिनल
- अस्थायी टर्मिनल
- प्रारंभिक पाँच वर्ष की अवधि
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
राष्ट्रीय जलमार्ग (जेटी/टर्मिनल निर्माण) विनियम, 2025 के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग पर टर्मिनल विकसित करने के इच्छुक संस्था को किस निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा?
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सही उत्तर: A — भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण
IWAI द्वारा बनाए गए विनियमों के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग पर अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल बनाने या चलाने वाली किसी भी संस्था को IWAI से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा।
राष्ट्रीय जलमार्ग (जेटी/टर्मिनल निर्माण) विनियम, 2025 के तहत अस्थायी टर्मिनलों को कितनी प्रारंभिक अवधि दी जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — पाँच वर्ष
अस्थायी टर्मिनलों को प्रारंभिक पाँच वर्ष की अवधि मिलती है, जबकि स्थायी टर्मिनल जीवन भर चलाए जा सकते हैं।