नैफिथ्रोमाइसिन, भारत की पहली स्वदेशी रूप से खोजी गई एंटीबायोटिक; हीमोफीलिया का पहला स्वदेशी जीन थेरेपी ट्रायल
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18 अक्टूबर 2025 को बताया कि भारत ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग और वॉकहार्ट के माध्यम से अपनी पहली स्वदेशी रूप से खोजी गई एंटीबायोटिक नैफिथ्रोमाइसिन विकसित की है और CMC वेल्लोर में हीमोफीलिया का पहला सफल स्वदेशी जीन थेरेपी ट्रायल किया है।
सारांश
18 अक्टूबर 2025 को मल्टी-ओमिक्स डेटा के लिए AI पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत ने अपनी पहली स्वदेशी रूप से खोजी गई एंटीबायोटिक नैफिथ्रोमाइसिन विकसित की है, जो प्रतिरोधी श्वसन संक्रमणों के विरुद्ध प्रभावी है और कैंसर रोगियों तथा अनियंत्रित मधुमेह वालों के लिए उपयोगी है। इसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने निजी कंपनी वॉकहार्ट के साथ विकसित किया। उन्होंने जीन थेरेपी में सफलता की भी घोषणा की: DBT समर्थित और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर में हुए हीमोफीलिया के पहले सफल स्वदेशी क्लिनिकल ट्रायल में 60–70% सुधार दर और शून्य रक्तस्राव दर्ज हुआ, और इसके निष्कर्ष न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुए। उन्होंने बताया कि भारत 10,000 से अधिक मानव जीनोम अनुक्रमित कर चुका है और लक्ष्य दस लाख का है, तथा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) का पांच वर्ष में कुल परिव्यय ₹50,000 करोड़ है, जिसमें ₹36,000 करोड़ गैर-सरकारी स्रोतों से आएंगे।
मुख्य तथ्य
- एंटीबायोटिक
- नैफिथ्रोमाइसिन — भारत में पहली स्वदेशी रूप से खोजी गई
- विकासकर्ता
- DBT और वॉकहार्ट
- उपयोग
- प्रतिरोधी श्वसन संक्रमण; कैंसर रोगी, अनियंत्रित मधुमेह
- जीन थेरेपी
- हीमोफीलिया का पहला स्वदेशी ट्रायल, CMC वेल्लोर; 60–70% सुधार, शून्य रक्तस्राव; NEJM
- जीनोम
- 10,000 से अधिक अनुक्रमित; लक्ष्य दस लाख
- ANRF
- 5 वर्ष में ₹50,000 करोड़; ₹36,000 करोड़ गैर-सरकारी
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वॉकहार्ट के साथ विकसित किसे सरकार ने भारत की पहली स्वदेशी रूप से खोजी गई एंटीबायोटिक बताया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — नैफिथ्रोमाइसिन
PIB: डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत ने अपनी पहली स्वदेशी रूप से खोजी गई एंटीबायोटिक 'नैफिथ्रोमाइसिन' विकसित की है, जिसे DBT ने वॉकहार्ट के सहयोग से विकसित किया।
अक्टूबर 2025 में घोषित हीमोफीलिया के लिए भारत का पहला सफल स्वदेशी जीन थेरेपी क्लिनिकल ट्रायल किस संस्थान में हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर
PIB: DBT समर्थित यह ट्रायल गैर-सरकारी अस्पताल क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर में हुआ।
18 अक्टूबर 2025 को डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा कहे गए निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का पांच वर्ष में परिव्यय ₹50,000 करोड़ है, जिसमें ₹36,000 करोड़ गैर-सरकारी स्रोतों से आएंगे। 2. स्वदेशी हीमोफीलिया जीन थेरेपी ट्रायल के निष्कर्ष द लैंसेट में प्रकाशित हुए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। PIB: ANRF का पांच वर्ष में कुल परिव्यय ₹50,000 करोड़ है, जिसमें ₹36,000 करोड़ गैर-सरकारी स्रोतों से; जीन थेरेपी के निष्कर्ष न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुए।