NAAS के विचार-मंथन सत्र में उर्वरकों में आत्मनिर्भरता का रोडमैप
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी ने 14 अप्रैल 2026 को उर्वरकों में आत्मनिर्भरता के रोडमैप पर विचार-मंथन सत्र आयोजित किया; DARE सचिव और ICAR महानिदेशक एम.एल. जाट ने कहा कि भारत सालाना लगभग 3.3 करोड़ टन उर्वरक की खपत करता है, जिसका बड़ा हिस्सा आयात होता है।
सारांश
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (NAAS) ने 14 अप्रैल 2026 को उर्वरकों में आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनाने के लिए विचार-मंथन सत्र आयोजित किया, जिसमें सरकारी विभागों, शिक्षा जगत, उर्वरक उद्योग और किसानों ने भाग लिया। कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के सचिव, ICAR के महानिदेशक और NAAS के अध्यक्ष डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि भारत सालाना लगभग 33 मिलियन टन उर्वरक की खपत करता है, जिसका बड़ा हिस्सा आयात होता है, इसलिए आयात निर्भरता घटाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज की चुनौती उर्वरक उपयोग दक्षता में गिरावट और अंधाधुंध उपयोग है, और मृदा स्वास्थ्य पहलों को मज़बूत करने, संतुलित और आवश्यकता-आधारित उपयोग, किसान जागरूकता तथा सटीक पोषक प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेंसर-आधारित प्रणालियों जैसी तकनीकों का आह्वान किया।
मुख्य तथ्य
- आयोजक
- राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (NAAS)
- तिथि
- 14 अप्रैल 2026
- वार्षिक उर्वरक खपत
- लगभग 33 मिलियन टन; बड़ा हिस्सा आयातित
- वक्ता
- डॉ. एम.एल. जाट – सचिव DARE, महानिदेशक ICAR, अध्यक्ष NAAS
- दृष्टिकोण
- मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उपयोग, किसान जागरूकता, सटीक पोषक प्रबंधन, AI, सेंसर
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अप्रैल 2026 के NAAS सत्र में डॉ. एम.एल. जाट के अनुसार भारत की वार्षिक उर्वरक खपत लगभग कितनी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 33 मिलियन टन
डॉ. जाट ने कहा कि भारत सालाना लगभग 33 मिलियन टन उर्वरक की खपत करता है, जिसका बड़ा हिस्सा आयात होता है।
अप्रैल 2026 की PIB विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. एम.एल. जाट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के सचिव और ICAR के महानिदेशक हैं। 2. वे राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
कृषि मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार दोनों कथन सही हैं।