मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने पचमढ़ी नगर की 395.939 हेक्टेयर भूमि अभयारण्य से बाहर की; टाइगर रिज़र्व बफ़र ज़ोन हेतु ₹390 करोड़
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने 27 जनवरी 2026 को पचमढ़ी नगर की 395.939 हेक्टेयर नजूल भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य से बाहर किया और राज्य के नौ टाइगर रिज़र्व के बफ़र ज़ोन विकास हेतु ₹390 करोड़ मंज़ूर किए।
सारांश
27 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के नियंत्रण वाली पचमढ़ी नगर की नजूल भूमि को संशोधित कर 395.939 हेक्टेयर को पचमढ़ी अभयारण्य से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की मंज़ूरी दी। राज्य के नौ टाइगर रिज़र्व के बफ़र ज़ोन विकास हेतु पाँच वर्ष (2026-27 से 2030-31) के लिए ₹390 करोड़ भी दिए गए, जिनमें चेन-लिंक फेंसिंग, चरागाह विकास, जल स्रोत और अग्नि सुरक्षा शामिल हैं, तथा नर्मदापुरम ज़िले की ₹215.47 करोड़ की दो सिंचाई परियोजनाएँ मंज़ूर हुईं।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 27 जनवरी 2026
- अध्यक्षता
- मुख्यमंत्री मोहन यादव
- पचमढ़ी
- 395.939 हेक्टेयर अभयारण्य से बाहर, राजस्व नजूल घोषित (साडा क्षेत्र)
- टाइगर रिज़र्व
- 9 टाइगर रिज़र्व के बफ़र ज़ोन हेतु ₹390 करोड़, 2026-27 से 2030-31
- सिंचाई
- नर्मदापुरम की दो परियोजनाएँ, ₹215.47 करोड़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जनवरी 2026 में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य के कितने टाइगर रिज़र्व के बफ़र ज़ोन विकास हेतु पाँच वर्ष में ₹390 करोड़ मंज़ूर किए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — नौ
ANI (LatestLY) और NDTV: 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के नौ टाइगर रिज़र्व के बफ़र ज़ोन हेतु ₹390 करोड़।
27 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने लगभग 396 हेक्टेयर नगर भूमि को किस संरक्षित क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — पचमढ़ी अभयारण्य
ANI और NDTV: साडा के अधीन पचमढ़ी नगर की 395.939 हेक्टेयर नजूल भूमि पचमढ़ी अभयारण्य से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित।