MoSPI ने सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 25 सितंबर 2025 को सार्वजनिक परामर्श के लिए भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया, ताकि 2031 में शताब्दी से पहले संस्थान को नया स्वरूप दिया जा सके।
सारांश
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने पूर्व-विधायी प्रक्रिया के तहत 25 सितंबर 2025 को सार्वजनिक परामर्श के लिए भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया। उद्देश्य 2031 में शताब्दी की ओर बढ़ रहे ISI का पुनर्गठन और नवीनीकरण है। ISI की स्थापना दिसंबर 1931 में हुई थी, और भारतीय सांख्यिकी संस्थान अधिनियम, 1959 ने इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया। ISI के विभिन्न केंद्रों में लगभग 1,200 छात्र हैं। चार समीक्षा समितियों में सबसे हालिया, 2020 में डॉ. आर.ए. माशेलकर की अध्यक्षता वाली समिति, ने शासन और शैक्षणिक सुधारों की सिफ़ारिश की थी।
मुख्य तथ्य
- जारी
- 25 सितंबर 2025, MoSPI, सार्वजनिक परामर्श हेतु
- विधेयक
- भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2025 (मसौदा)
- ISI स्थापना
- दिसंबर 1931; शताब्दी 2031
- वर्तमान क़ानून
- भारतीय सांख्यिकी संस्थान अधिनियम, 1959 – राष्ट्रीय महत्व का संस्थान
- हालिया समीक्षा
- डॉ. आर.ए. माशेलकर समिति, 2020
- छात्र
- ~1,200
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
भारतीय सांख्यिकी संस्थान को किस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — भारतीय सांख्यिकी संस्थान अधिनियम, 1959
संसद ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान अधिनियम, 1959 बनाकर ISI को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया; 25 सितंबर 2025 को ISI विधेयक, 2025 का मसौदा जारी हुआ।