भारत के हरित परिवर्तन के वित्तपोषण पर पर्यावरण मंत्रालय की कार्यशाला कोलकाता में शुरू
ग्रीन क्लाइमेट फंड रेडीनेस प्रोग्राम के तहत 'भारत की हरित परिवर्तन योजना और अनुकूलन आवश्यकताओं का वित्तपोषण' पर पर्यावरण मंत्रालय की दो दिवसीय हितधारक कार्यशाला 16 जनवरी 2025 को कोलकाता में शुरू हुई।
सारांश
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित 'भारत की हरित परिवर्तन योजना और अनुकूलन आवश्यकताओं का वित्तपोषण' पर दो दिवसीय हितधारक परामर्श कार्यशाला 16 जनवरी 2025 को ग्रीन क्लाइमेट फंड रेडीनेस प्रोग्राम के तहत कोलकाता में शुरू हुई। मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार राजश्री रे ने टैक्सोनॉमी, हरित दिशानिर्देशों और वित्तीय उत्पादों पर समन्वित दृष्टिकोण की बात कही और बताया कि 2024-25 के बजट में अनुकूलन और शमन के लिए पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने हेतु भारत की अपनी जलवायु वित्त टैक्सोनॉमी विकसित करने का आह्वान किया गया था। उद्घाटन सत्र में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत, सीडीआरआई के महानिदेशक अमित प्रोथी और यूएनडीपी व ग्रीन क्लाइमेट फंड के प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्य तथ्य
- शुरुआत
- 16 जनवरी 2025, कोलकाता (दो दिन)
- आयोजक
- केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- कार्यक्रम
- ग्रीन क्लाइमेट फंड रेडीनेस प्रोग्राम
- विषय
- भारत की हरित परिवर्तन योजना और अनुकूलन आवश्यकताओं का वित्तपोषण
- मुख्य संदेश
- भारत की अपनी जलवायु वित्त टैक्सोनॉमी (बजट 2024-25)
- उपस्थित
- पश्चिम बंगाल मुख्य सचिव मनोज पंत; सीडीआरआई महानिदेशक अमित प्रोथी; यूएनडीपी; जीसीएफ़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
16 जनवरी 2025 को कोलकाता में शुरू हुई 'भारत की हरित परिवर्तन योजना और अनुकूलन आवश्यकताओं का वित्तपोषण' पर पर्यावरण मंत्रालय की कार्यशाला किस कार्यक्रम के तहत थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ग्रीन क्लाइमेट फंड रेडीनेस प्रोग्राम
पीआईबी (पर्यावरण मंत्रालय): कार्यशाला चल रहे ग्रीन क्लाइमेट फंड रेडीनेस प्रोग्राम के तहत आयोजित हुई।
कोलकाता हरित वित्त कार्यशाला (जनवरी 2025) में पर्यावरण मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार ने बताया कि किस दस्तावेज़ ने भारत की अपनी जलवायु वित्त टैक्सोनॉमी विकसित करने का आह्वान किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केंद्रीय बजट 2024-25
पीआईबी: राजश्री रे ने कहा कि 2024-25 के बजट में भारत की अपनी जलवायु वित्त टैक्सोनॉमी विकसित करने का आह्वान किया गया था।