रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए उन्नत लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I) हेतु BEL के साथ ₹770 करोड़ का अनुबंध किया
21 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए उन्नत लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I) की खरीद हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ लगभग ₹770 करोड़ का अनुबंध किया।
सारांश
रक्षा मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय सेना के लिए उन्नत लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I) की खरीद हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ लगभग ₹770 करोड़ का अनुबंध किया। अनुबंध रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हुआ। LLLR-I लड़ाकू विमान आकार के लक्ष्यों और मिनी व माइक्रो ड्रोन का पता लगाकर उन्हें ट्रैक कर सकता है तथा हवाई लक्ष्यों को प्राथमिकता दे सकता है, जिससे सेना मानवरहित हवाई प्रणाली (UAS) के खतरे का मुकाबला कर सकेगी। मंत्रालय ने इसे वायु रक्षा प्लेटफॉर्म के स्वदेशीकरण की दिशा में एक कदम बताया।
मुख्य तथ्य
- उपकरण
- उन्नत लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I)
- मूल्य
- लगभग ₹770 करोड़
- आपूर्तिकर्ता
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
- उपयोगकर्ता
- भारतीय सेना
- हस्ताक्षर
- 21 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली
- उपस्थित
- रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह
- क्षमता
- लड़ाकू विमान आकार के लक्ष्य और मिनी/माइक्रो ड्रोन का पता लगाना व ट्रैक करना; हवाई लक्ष्यों को प्राथमिकता
- उद्देश्य
- मानवरहित हवाई प्रणाली (UAS) के खतरे का मुकाबला
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में रक्षा मंत्रालय ने उन्नत लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I) के लिए लगभग ₹770 करोड़ का अनुबंध किस कंपनी के साथ किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
अक्टूबर 2026 में अनुबंधित उन्नत लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I) मुख्य रूप से भारतीय सेना को किस खतरे का मुकाबला करने में मदद करेंगे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — मानवरहित हवाई प्रणाली (ड्रोन)