रक्षा मंत्रालय ने सितंबर अंत तक 2025-26 के पूंजीगत परिव्यय का 51.23% उपयोग किया
रक्षा मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2025 को बताया कि सितंबर अंत तक उसने 2025-26 के ₹1,80,000 करोड़ के पूंजीगत आवंटन में से ₹92,211.44 करोड़ यानी 51.23% खर्च कर दिए।
सारांश
रक्षा मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2025 को बताया कि 2025-26 में सितंबर अंत तक उसका पूंजीगत व्यय ₹92,211.44 करोड़ रहा, जो कुल ₹1,80,000 करोड़ आवंटन का 51.23% है। सबसे अधिक खर्च विमान और एयरो इंजन पर हुआ, उसके बाद थल प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण, हथियारों और प्रक्षेप्यों पर। 2024-25 में मंत्रालय ने ₹1,59,768.40 करोड़ के अपने पूंजीगत बजट का 100% उपयोग किया था। 2025-26 के लिए घरेलू उद्योग से खरीद हेतु ₹1,11,544.83 करोड़ निर्धारित हैं, जिनमें से लगभग 45% अब तक खर्च हुआ है।
मुख्य तथ्य
- सितंबर 2025 तक पूंजीगत व्यय
- ₹92,211.44 करोड़ (51.23%)
- 2025-26 पूंजीगत आवंटन
- ₹1,80,000 करोड़
- सर्वाधिक खर्च
- विमान और एयरो इंजन
- 2024-25
- 100% उपयोग — ₹1,59,768.40 करोड़
- घरेलू उद्योग हेतु 2025-26
- ₹1,11,544.83 करोड़ (~45% खर्च)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
रक्षा मंत्रालय का 2025-26 का कुल पूंजीगत आवंटन कितना था, जिसका 50% से अधिक सितंबर 2025 तक उपयोग हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹1,11,545 करोड़
PIB: पूंजीगत व्यय ₹1,80,000 करोड़ के कुल आवंटन में से ₹92,211.44 करोड़ (51.23%) रहा। ₹1,59,768.40 करोड़ पिछले वर्ष का पूर्ण उपयोग वाला पूंजीगत व्यय था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार 2025-26 (सितंबर तक) में उसके पूंजीगत व्यय का अधिकांश भाग किस श्रेणी पर हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — विमान और एयरो इंजन
PIB: अधिकांश खर्च विमान और एयरो इंजन पर हुआ, उसके बाद थल प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण, हथियारों और प्रक्षेप्यों पर।