रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए 160 SAT-SAAW ग्लाइड बम हेतु BDL के साथ ₹811 करोड़ का अनुबंध किया
23 सितंबर 2026 को रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन (SAT-SAAW) हेतु भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ ₹810.79 करोड़ का अनुबंध किया।
सारांश
रक्षा मंत्रालय ने यह अनुबंध नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में बाय (भारतीय-IDDM) श्रेणी के तहत भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ किया। SAT-SAAW, DRDO द्वारा डिज़ाइन किया गया हवा से सतह पर मार करने वाला सटीक निर्देशित ग्लाइड बम है, जो लंबी स्टैंड-ऑफ दूरी से शत्रु हवाई अड्डों को निष्क्रिय कर सकता है। इसे जगुआर, हॉक और सुखोई-30 MKI विमानों से दागा जा सकता है और इसमें 60% स्वदेशी सामग्री होगी। आपूर्ति 2027-28 और 2028-29 के बीच निर्धारित है।
मुख्य तथ्य
- अनुबंध
- ₹810.79 करोड़, संबद्ध उपकरणों सहित 160 SAT-SAAW
- आपूर्तिकर्ता
- भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL)
- श्रेणी
- बाय (भारतीय - स्वदेशी रूप से डिज़ाइन, विकसित और निर्मित)
- हथियार
- DRDO द्वारा डिज़ाइन सटीक निर्देशित ग्लाइड बम; प्लेटफॉर्म जगुआर, हॉक, सुखोई-30 MKI
- स्वदेशी सामग्री / आपूर्ति
- 60% / 2027-28 और 2028-29 के बीच
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
23 सितंबर 2026 को रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए 160 SAT-SAAW हेतु किस PSU के साथ अनुबंध किया?
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सही उत्तर: C — भारत डायनेमिक्स लिमिटेड
₹810.79 करोड़ का अनुबंध भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ किया गया।
सितंबर 2026 में वायुसेना के लिए अनुबंधित SAT-SAAW किस प्रकार का हथियार है?
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सही उत्तर: D — हवा से सतह पर मार करने वाला सटीक निर्देशित ग्लाइड बम
SAT-SAAW हवा से सतह पर मार करने वाला सटीक निर्देशित ग्लाइड बम है, जो लंबी स्टैंड-ऑफ दूरी से शत्रु हवाई अड्डों को निष्क्रिय करने के लिए बना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार SAT-SAAW में कितनी स्वदेशी सामग्री होगी?
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सही उत्तर: B — 60%
DRDO द्वारा डिज़ाइन की गई इस प्रणाली में 60% स्वदेशी सामग्री होगी।
सितंबर 2026 में हस्ताक्षरित SAT-SAAW अनुबंध के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें: 1. इस हथियार को जगुआर, हॉक और सुखोई-30 MKI विमानों से दागा जा सकता है। 2. अनुबंध बाय (ग्लोबल) श्रेणी के तहत किया गया। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
इस हथियार को जगुआर, हॉक और सुखोई-30 MKI से दागा जा सकता है। अनुबंध बाय (भारतीय-IDDM) श्रेणी में था, बाय (ग्लोबल) में नहीं।