राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत हाइड्रोजन बसों और ट्रकों की पाँच पायलट परियोजनाएँ शुरू
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 3 मार्च 2025 को बताया कि उसने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 37 हाइड्रोजन बसों-ट्रकों और 9 रिफ्यूलिंग स्टेशनों वाली पाँच पायलट परियोजनाएँ स्वीकृत की हैं।
सारांश
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 3 मार्च 2025 को घोषणा की कि उसने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत बसों और ट्रकों में हाइड्रोजन के उपयोग की पाँच पायलट परियोजनाएँ स्वीकृत की हैं। इनमें 37 वाहन और 9 हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन शामिल हैं। वाहनों में 15 हाइड्रोजन फ्यूल सेल-आधारित और 22 हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन-आधारित हैं। ये 10 मार्गों पर चलेंगे, जिनमें ग्रेटर नोएडा–दिल्ली–आगरा, भुवनेश्वर–कोणार्क–पुरी, अहमदाबाद–वडोदरा–सूरत, पुणे–मुंबई, जमशेदपुर–कलिंगनगर, तिरुवनंतपुरम–कोच्चि और NH-16 विशाखापत्तनम–बय्यावरम शामिल हैं। परियोजनाएँ टाटा मोटर्स, रिलायंस, NTPC, ANERT, अशोक लेलैंड, HPCL, BPCL और IOCL जैसी कंपनियों को मिलीं; केंद्र की सहायता लगभग ₹208 करोड़ है और इन्हें 18–24 महीनों में चालू होना है।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 3 मार्च 2025, MNRE
- परियोजनाएँ
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 5 पायलट
- वाहन
- 37 (15 फ्यूल सेल, 22 हाइड्रोजन ICE)
- रिफ्यूलिंग स्टेशन
- 9
- मार्ग
- 10
- केंद्रीय सहायता
- लगभग ₹208 करोड़
- चालू होना
- 18–24 महीने
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
MNRE द्वारा स्वीकृत (3 मार्च 2025 को घोषित) हाइड्रोजन बसों और ट्रकों की पाँच पायलट परियोजनाओं में कितने हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन शामिल हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 9
पाँच पायलट परियोजनाओं में 37 वाहन और 9 हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन शामिल हैं।
3 मार्च 2025 को MNRE द्वारा घोषित हाइड्रोजन परिवहन पायलट परियोजनाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 37 वाहनों में 15 हाइड्रोजन फ्यूल सेल-आधारित और 22 हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन-आधारित हैं। 2. वाहन भुवनेश्वर–कोणार्क–पुरी सहित 10 मार्गों पर चलेंगे। 3. परियोजनाओं का वित्तपोषण PM e-DRIVE योजना के तहत है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
कथन 1 और 2 सही हैं: 15 फ्यूल सेल और 22 हाइड्रोजन ICE वाहन भुवनेश्वर–कोणार्क–पुरी सहित 10 मार्गों पर चलेंगे। कथन 3 गलत है: पायलट राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत हैं, जिनमें लगभग ₹208 करोड़ की केंद्रीय सहायता है।