मिज़ोरम की 808 ग्राम परिषदों को XV वित्त आयोग के ₹14.52 करोड़ के अनटाइड अनुदान
3 अक्टूबर 2025 को केंद्र ने बताया कि उसने मिज़ोरम की सभी 808 पात्र ग्राम परिषदों को पंद्रहवें वित्त आयोग के ₹14.52 करोड़ के अनटाइड अनुदान जारी किए हैं।
सारांश
3 अक्टूबर 2025 को पंचायती राज मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने मिज़ोरम के ग्रामीण स्थानीय निकायों को पंद्रहवें वित्त आयोग (XV FC) के अनटाइड अनुदान जारी किए हैं। इनमें 2025–26 की दूसरी किस्त (₹14.40 करोड़) और 2023–24 की पहली किस्त का रोका गया हिस्सा (₹0.1209 करोड़) शामिल है, कुल लगभग ₹14.52 करोड़। राज्य की सभी 808 पात्र ग्राम परिषदों को इसका लाभ मिलेगा। पंचायती राज मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए XV FC अनुदान की सिफारिश करते हैं, और वित्त मंत्रालय इन्हें वर्ष में दो किस्तों में जारी करता है। अनटाइड अनुदान का उपयोग संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट ज़रूरतों के लिए किया जा सकता है।
मुख्य तथ्य
- राशि
- ₹14.40 करोड़ (2025–26 की दूसरी किस्त) + ₹0.1209 करोड़ (रोकी गई, 2023–24) ≈ ₹14.52 करोड़
- लाभार्थी
- मिज़ोरम की सभी 808 पात्र ग्राम परिषदें
- प्रक्रिया
- MoPR + DDWS सिफारिश; वित्त मंत्रालय वर्ष में 2 किस्तों में जारी करता है
- उपयोग
- अनटाइड — ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों में स्थानीय ज़रूरतें
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
अक्टूबर 2025 में जारी XV वित्त आयोग के अनटाइड अनुदान से मिज़ोरम की कितनी पात्र ग्राम परिषदों को लाभ होगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 808
PIB (MoPR): 2025–26 की ₹14.40 करोड़ की दूसरी किस्त और 2023–24 के रोके गए ₹0.1209 करोड़ से मिज़ोरम की सभी 808 पात्र ग्राम परिषदों को लाभ होगा।
ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग अनुदान के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पंचायती राज मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जारी करने की सिफारिश करते हैं, और वित्त मंत्रालय एक वित्त वर्ष में दो किस्तों में अनुदान जारी करता है। 2. अनटाइड अनुदान का उपयोग ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट ज़रूरतों के लिए किया जा सकता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। PIB (MoPR): MoPR और जल शक्ति मंत्रालय (DDWS) RLB/PRI के लिए XV FC अनुदान की सिफारिश करते हैं, जिन्हें वित्त मंत्रालय वर्ष में दो किस्तों में जारी करता है; अनटाइड अनुदान ग्यारहवीं अनुसूची के 29 विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट ज़रूरतों के लिए हैं।