जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय भाषाओं पर कार्य समूह की पहली बैठक की; आदि वाणी बनेगा राष्ट्रीय भंडार
15 अक्टूबर 2026 को जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय भाषाओं पर कार्य समूह की पहली बैठक की, जिसमें आदि वाणी को राष्ट्रीय जनजातीय भाषा भंडार के रूप में स्थापित करने की बात हुई।
सारांश
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 15 अक्टूबर 2026 को सचिव रंजना चोपड़ा की अध्यक्षता में जनजातीय भाषाओं पर कार्य समूह की पहली बैठक की। कार्य समूह में सीआईआईएल, आईआईटी दिल्ली, धारवाड़ और कानपुर, कई विश्वविद्यालय और भाषा समिति शामिल हैं, जो जनजातीय भाषाओं के दस्तावेज़ीकरण, डिजिटल संरक्षण, शोध और प्रचार का मार्गदर्शन करेगा। अनुवाद उपकरण के रूप में शुरू हुए आदि वाणी को राष्ट्रीय जनजातीय भाषा भंडार के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्य तथ्य
- निकाय
- जनजातीय भाषाओं पर कार्य समूह, जनजातीय कार्य मंत्रालय
- पहली बैठक
- 15 अक्टूबर 2026 (हाइब्रिड)
- अध्यक्षता
- रंजना चोपड़ा, सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय
- सदस्य
- सीआईआईएल; आईआईटी दिल्ली, धारवाड़, कानपुर; तेज़पुर, मणिपुर, असम और सिक्किम विश्वविद्यालय; भाषा समिति
- आदि वाणी
- राष्ट्रीय जनजातीय भाषा भंडार के रूप में
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
अक्टूबर 2026 में जनजातीय कार्य मंत्रालय किस प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय जनजातीय भाषा भंडार के रूप में स्थापित कर रहा था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — आदि वाणी