सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी रेटिंग नीति 2026 जारी की
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी दर्शक मापन में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही लाने के लिए टेलीविजन रेटिंग नीति 2026 जारी की, जिसने 16 जनवरी 2014 के टीवी रेटिंग एजेंसी दिशानिर्देशों का स्थान लिया (24 जुलाई 2026 को जानकारी दी गई)।
सारांश
प्रमुख सुधार: रेटिंग एजेंसियों के लिए नेटवर्थ की शर्त ₹20 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़; कनेक्टेड टीवी और OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध टीवी चैनलों सहित तकनीक-निरपेक्ष मापन; मीटर वाले घर 50,000 से बढ़ाकर 80,000; हर तीन वर्ष में स्थापना सर्वेक्षण; 'लैंडिंग पेज' दर्शक संख्या की गणना से बाहर; वार्षिक स्वतंत्र ऑडिट; और श्रेणीबद्ध दंड ढांचा। सुरक्षा उपायों में क्रॉस-होल्डिंग प्रतिबंध शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- नीति
- टेलीविजन रेटिंग नीति 2026
- प्रतिस्थापन
- 16 जनवरी 2014 के दिशानिर्देश
- नेटवर्थ
- ₹20 करोड़ → ₹5 करोड़
- मीटर वाले घर
- 50,000 → 80,000
- स्थापना सर्वेक्षण
- हर तीन वर्ष
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
टीवी रेटिंग नीति 2026 के तहत दर्शक मापन के लिए मीटर वाले घरों की संख्या बढ़ाकर कितनी की जाएगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 80,000
मीटर वाले घर 50,000 से बढ़ाकर 80,000 किए जाएंगे।
टीवी रेटिंग नीति 2026 ने टीवी रेटिंग एजेंसियों के लिए नेटवर्थ की शर्त ₹20 करोड़ से घटाकर कितनी की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ₹5 करोड़
नेटवर्थ की शर्त ₹20 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़ की गई।
टीवी रेटिंग नीति 2026 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह जनवरी 2014 में जारी टीवी रेटिंग एजेंसी दिशानिर्देशों का स्थान लेती है। 2. इसमें हर तीन वर्ष में स्थापना सर्वेक्षण का प्रावधान है। 3. यह दर्शक संख्या की गणना से लैंडिंग पेज को बाहर करती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 1, 2 और 3
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार तीनों कथन सही हैं।