गणतंत्र दिवस परेड में तीन नए आपराधिक कानूनों पर गृह मंत्रालय की झांकी
गणतंत्र दिवस 2026 पर तीन नए आपराधिक कानूनों पर गृह मंत्रालय की झांकी में ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, NAFIS और ICJS दिखाए गए; अमित शाह ने कहा कि ये कानून दंड-केंद्रित से न्याय-केंद्रित व्यवस्था की ओर बदलाव हैं।
सारांश
गृह मंत्रालय ने 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में तीन नए आपराधिक कानूनों पर झांकी प्रस्तुत की। इसमें ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, NAFIS (राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली) और ICJS (अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली) जैसे तकनीकी मंच दिखाए गए। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इन सुधारों ने औपनिवेशिक अवशेष मिटाए और भारत को दंड-केंद्रित से न्याय-केंद्रित कानूनी व्यवस्था की ओर ले गए।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 26 जनवरी 2026
- झांकी
- गृह मंत्रालय
- विषय
- तीन नए आपराधिक कानून
- प्रदर्शित प्रणालियाँ
- ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, NAFIS, ICJS
- संदेश
- दंड-केंद्रित से न्याय-केंद्रित व्यवस्था
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
गणतंत्र दिवस 2026 पर नए आपराधिक कानूनों पर गृह मंत्रालय की झांकी में प्रदर्शित प्रणालियों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — CCTNS 3.0
PIB (गृह): झांकी में ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, NAFIS और ICJS दिखाए गए।
गृह मंत्रालय की झांकी में दिखाई गई आपराधिक न्याय तकनीक के संदर्भ में NAFIS का पूर्ण रूप है:
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली
NAFIS = राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली, जो ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति और ICJS के साथ झांकी में दिखाई गई (PIB, गृह)।