मेइटी रिपोर्ट: 2022-23 में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था राष्ट्रीय आय का 11.74%
22 जनवरी 2025 को जारी मेइटी की रिपोर्ट 'भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकलन और मापन' ने 2022-23 में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय आय का 11.74%, यानी ₹31.64 लाख करोड़, आँका।
सारांश
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) ने 22 जनवरी 2025 को 'भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकलन और मापन' रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था राष्ट्रीय आय का 11.74% थी, जो ₹31.64 लाख करोड़ (लगभग 402 अरब अमेरिकी डॉलर) के बराबर है, और 2030 तक इसके जीडीपी का पाँचवाँ हिस्सा होने का अनुमान है। इन अनुमानों के साथ भारत अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकार मापने के लिए ओईसीडी ढाँचे का उपयोग करने वाला पहला विकासशील देश बना; रिपोर्ट एशियाई विकास बैंक के इनपुट-आउटपुट तरीके से वैकल्पिक अनुमान भी देती है।
मुख्य तथ्य
- जारी
- 22 जनवरी 2025, मेइटी
- रिपोर्ट
- भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकलन और मापन
- 2022-23 हिस्सा
- राष्ट्रीय आय का 11.74%
- 2022-23 आकार
- ₹31.64 लाख करोड़ (~402 अरब डॉलर)
- 2030 तक
- जीडीपी का पाँचवाँ हिस्सा
- पद्धति
- ओईसीडी ढाँचा – विकासशील देशों में पहला; वैकल्पिक एडीबी इनपुट-आउटपुट
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
मेइटी की जनवरी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था राष्ट्रीय आय का कितना हिस्सा थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 11.74%
PIB 2095260: 2022-23 में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था राष्ट्रीय आय का 11.74% आँकी गई।
मेइटी के डिजिटल अर्थव्यवस्था अनुमानों के साथ भारत किस संगठन के ढाँचे का उपयोग कर अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था मापने वाला पहला विकासशील देश बना?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ओईसीडी
PIB 2095260: भारत ओईसीडी ढाँचे का उपयोग करने वाला पहला विकासशील देश है; वैकल्पिक अनुमान एडीबी इनपुट-आउटपुट तरीके से हैं।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था पर मेइटी की रिपोर्ट (जनवरी 2025) के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. 2022-23 में डिजिटल अर्थव्यवस्था ₹31.64 लाख करोड़ की थी। 2. 2030 तक इसके जीडीपी का पाँचवाँ हिस्सा होने का अनुमान है। 3. यह एडीबी के इनपुट-आउटपुट तरीके से वैकल्पिक अनुमान भी देती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
PIB 2095260: 2022-23 में डिजिटल अर्थव्यवस्था ₹31.64 लाख करोड़ थी, 2030 तक जीडीपी का पाँचवाँ हिस्सा अनुमानित है और वैकल्पिक अनुमान एडीबी इनपुट-आउटपुट तरीके से हैं।