विदेश मंत्रालय ने अगरतला में बांग्लादेश सहायक उच्चायोग परिसर में घुसपैठ को 'अत्यंत खेदजनक' बताया
2 दिसंबर 2024 को अगरतला, त्रिपुरा में प्रदर्शनकारी बांग्लादेश सहायक उच्चायोग परिसर में घुस गए, जिसे भारत के विदेश मंत्रालय ने अत्यंत खेदजनक बताया।
सारांश
2 दिसंबर 2024 को अगरतला, त्रिपुरा में बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान कथित तौर पर 50 से अधिक प्रदर्शनकारी बांग्लादेश सहायक उच्चायोग परिसर में घुस गए। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को 'अत्यंत खेदजनक' बताया, कहा कि राजनयिक और कांसुलर संपत्तियों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, और बताया कि सरकार नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग और देश में उसके उप/सहायक उच्चायोगों की सुरक्षा बढ़ा रही है।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 2 दिसंबर 2024, अगरतला, त्रिपुरा
- मिशन
- बांग्लादेश सहायक उच्चायोग
- विरोध का कारण
- बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी
- विदेश मंत्रालय
- 'अत्यंत खेदजनक'; सुरक्षा बढ़ाई जा रही है
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
2 दिसंबर 2024 को विदेश मंत्रालय ने किस शहर में बांग्लादेश सहायक उच्चायोग परिसर में घुसपैठ को 'अत्यंत खेदजनक' बताया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — अगरतला
NDTV और द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा उद्धृत विदेश मंत्रालय का बयान (2 दिसंबर 2024): अगरतला में बांग्लादेश सहायक उच्चायोग परिसर में आज हुई घुसपैठ की घटना अत्यंत खेदजनक है।
2 दिसंबर 2024 की अगरतला घटना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजनयिक और कांसुलर संपत्तियों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। 2. रैली बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के विरोध में निकाली गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
NDTV और द इकोनॉमिक टाइम्स (2 दिसंबर 2024): विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजनयिक और कांसुलर संपत्तियों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, और रैली बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के विरोध में थी। कथन 1 और 2 दोनों सही हैं। उत्तर: 1 और 2 दोनों।