MSME के लिए पारस्परिक ऋण गारंटी योजना में बदलाव: सेवा क्षेत्र शामिल, निर्यातकों के लिए विशेष प्रावधान
21 मार्च 2026 को सरकार ने MSME के लिए पारस्परिक ऋण गारंटी योजना में संशोधन कर सेवा क्षेत्र के MSME जोड़े, 5% अग्रिम अंशदान वापसी योग्य बनाया और निर्यातकों के लिए 75% गारंटी कवरेज वाले विशेष प्रावधान किए।
सारांश
जनवरी 2025 में शुरू की गई MSME के लिए पारस्परिक ऋण गारंटी योजना (MCGS-MSME) उपकरण या मशीनरी खरीदने हेतु MSME को ₹100 करोड़ तक के ऋण पर NCGTC के माध्यम से 60% गारंटी कवरेज देती है। संशोधनों से 5% अग्रिम अंशदान वापसी योग्य हुआ (प्रदर्शन के अधीन चौथे वर्ष से हर साल 1%), सेवा क्षेत्र के MSME शामिल हुए, परियोजना लागत में उपकरण/मशीनरी का न्यूनतम हिस्सा 75% से घटाकर 60% किया गया और गारंटी 10 वर्ष बाद समाप्त होगी। जो लाभकारी निर्यातक पिछले तीन वर्षों में से हर वर्ष कारोबार का कम से कम 25% निर्यात करते हैं, उन्हें ₹20 करोड़ के ऋण पर 75% कवरेज, 2% अग्रिम अंशदान (अधिकतम ₹40 लाख) और पहले वर्ष कोई गारंटी शुल्क नहीं, फिर 0.50% प्रति वर्ष मिलेगा।
मुख्य तथ्य
- योजना
- MCGS-MSME, जनवरी 2025 में शुरू
- मूल कवर
- उपकरण/मशीनरी हेतु ₹100 करोड़ तक के ऋण पर NCGTC द्वारा 60%
- बदलाव
- सेवा क्षेत्र के MSME शामिल; 5% अग्रिम अंशदान वापसी योग्य; उपकरण हिस्सा 60% (पहले 75%); 10 वर्ष गारंटी
- निर्यातक
- पिछले 3 वर्षों में हर वर्ष ≥25% निर्यात; ₹20 करोड़ ऋण; 75% कवरेज
- निर्यातक शुल्क
- पहले वर्ष शून्य, फिर 0.50% प्रति वर्ष
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मार्च 2026 की संशोधित MCGS-MSME के तहत पात्र निर्यातकों को कितना गारंटी कवरेज मिलता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — चूक राशि का 75%
निर्यातकों को ₹20 करोड़ के गारंटीकृत ऋण पर 75% कवरेज मिलता है, जबकि योजना का मूल कवर 60% है।
मार्च 2026 में MCGS-MSME में संशोधनों के बारे में विचार कीजिए: 1. सेवा क्षेत्र के MSME योजना में शामिल किए गए हैं। 2. परियोजना लागत में उपकरण/मशीनरी का न्यूनतम हिस्सा 60% से बढ़ाकर 75% किया गया है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
सेवा क्षेत्र के MSME जोड़े गए; उपकरण/मशीनरी का न्यूनतम हिस्सा 75% से घटाकर 60% किया गया, बढ़ाया नहीं गया, इसलिए कथन 2 गलत है।