मन की बात 121 में चंपारण सत्याग्रह और बाबू वीर कुंवर सिंह का स्मरण
27 अप्रैल 2025 की मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने 1917 के चंपारण सत्याग्रह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पुस्तक 'सत्याग्रह इन चंपारण' और 26 अप्रैल को 1857 के नायक बाबू वीर कुंवर सिंह की पुण्यतिथि को याद किया।
सारांश
27 अप्रैल 2025 की 121वीं मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद किया कि गांधीजी 1917 में बिहार के चंपारण पहुँचे थे और चंपारण सत्याग्रह को भारत में बापू का पहला बड़ा प्रयोग बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के पहले राष्ट्रपति बने डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस सत्याग्रह में योगदान दिया और 'सत्याग्रह इन चंपारण' पुस्तक लिखी। उन्होंने 1857 की क्रांति के नायक बाबू वीर कुंवर सिंह की 26 अप्रैल को मनाई गई पुण्यतिथि और 10 मई को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वर्षगाँठ का भी उल्लेख किया।
मुख्य तथ्य
- चंपारण
- 1917, बिहार
- पुस्तक
- 'सत्याग्रह इन चंपारण' — डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- बाबू वीर कुंवर सिंह
- पुण्यतिथि 26 अप्रैल
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
27 अप्रैल 2025 की मन की बात में प्रधानमंत्री द्वारा सुझाई गई पुस्तक 'सत्याग्रह इन चंपारण' किसने लिखी?
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सही उत्तर: A — डॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहले राष्ट्रपति बने डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सत्याग्रह में योगदान दिया और 'सत्याग्रह इन चंपारण' लिखी।
27 अप्रैल 2025 की मन की बात के आधार पर विचार कीजिए: 1. बाबू वीर कुंवर सिंह 1857 की क्रांति के नायक थे। 2. 10 मई प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वर्षगाँठ है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया।
27 अप्रैल 2025 की मन की बात में याद किए अनुसार गांधीजी किस वर्ष बिहार के चंपारण पहुँचे?
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सही उत्तर: D — 1917
प्रधानमंत्री ने याद किया कि गांधीजी 1917 में बिहार के चंपारण पहुँचे।
27 अप्रैल 2025 की मन की बात में उल्लिखित, बाबू वीर कुंवर सिंह की पुण्यतिथि किस तिथि को मनाई गई?
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सही उत्तर: B — 26 अप्रैल
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह की पुण्यतिथि 26 अप्रैल को मनाई गई।