महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने IMFL और देसी शराब पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया; 'महाराष्ट्र मेड लिकर' श्रेणी बनाई
10 जून 2025 को मुंबई, महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने शराब पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने को मंज़ूरी दी।
सारांश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 10 जून 2025 को भारत निर्मित विदेशी शराब (IMFL) पर उत्पाद शुल्क घोषित निर्माण लागत के तीन गुना से बढ़ाकर 4.5 गुना (₹260 प्रति बल्क लीटर तक की शराब के लिए) और देसी शराब पर ₹180 से बढ़ाकर ₹205 प्रति प्रूफ लीटर करने को मंज़ूरी दी। अनाज आधारित 'महाराष्ट्र मेड लिकर' (MML) की नई श्रेणी बनाई गई, जिसे केवल महाराष्ट्र के निर्माता बना सकेंगे। 180 मिली बोतल का न्यूनतम खुदरा मूल्य देसी शराब ₹80, MML ₹148, IMFL ₹205 और प्रीमियम विदेशी शराब ₹360 होगा। इन उपायों से सालाना लगभग ₹14,000 करोड़ अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है।
मुख्य तथ्य
- IMFL शुल्क
- 3 गुना → 4.5 गुना
- देसी शराब
- ₹180 → ₹205 प्रति प्रूफ लीटर
- नई श्रेणी
- महाराष्ट्र मेड लिकर (MML)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
10 जून 2025 के महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के निर्णय के तहत IMFL (₹260 प्रति बल्क लीटर तक) पर उत्पाद शुल्क घोषित निर्माण लागत के तीन गुना से बढ़ाकर कितने गुना किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 4.5 गुना
PTI (ThePrint) और द हिंदू बिज़नेसलाइन (मुख्यमंत्री कार्यालय का बयान): IMFL शुल्क तीन गुना से बढ़ाकर 4.5 गुना किया गया।
10 जून 2025 के महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के उत्पाद शुल्क निर्णयों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनाज आधारित 'महाराष्ट्र मेड लिकर' की नई श्रेणी बनाई गई, जिसे केवल महाराष्ट्र के निर्माता बनाएँगे। 2. देसी शराब पर उत्पाद शुल्क ₹205 से घटाकर ₹180 प्रति प्रूफ लीटर किया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
PTI (ThePrint) और द हिंदू बिज़नेसलाइन: अनाज आधारित MML श्रेणी केवल महाराष्ट्र के निर्माताओं के लिए है; देसी शराब का शुल्क ₹180 से बढ़ाकर ₹205 किया गया, घटाया नहीं गया। अतः केवल 1।