उपराष्ट्रपति ने मालवीय की संकलित रचनाओं 'महामना वाङ्मय' की अंतिम शृंखला जारी की
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 25 दिसंबर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में पंडित मदन मोहन मालवीय की संकलित रचनाओं की अंतिम शृंखला 'महामना वाङ्मय' जारी की।
सारांश
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 25 दिसंबर 2025 को मालवीय जयंती पर भारत मंडपम, नई दिल्ली में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की संकलित रचनाओं की अंतिम शृंखला 'महामना वाङ्मय' जारी की। महामना वाङ्मय की दूसरी और अंतिम शृंखला में मालवीय के लेखों और भाषणों के लगभग 3,500 पृष्ठों वाले 12 खंड हैं; इसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने प्रकाशित किया और कार्यक्रम महामना मालवीय मिशन ने आयोजित किया। पहली शृंखला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में जारी की थी।
मुख्य तथ्य
- तिथि / स्थान
- 25 दिसंबर 2025, भारत मंडपम, नई दिल्ली
- जारीकर्ता
- उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन
- कृति
- महामना वाङ्मय, दूसरी व अंतिम शृंखला: 12 खंड, ~3,500 पृष्ठ
- प्रकाशक
- प्रकाशन विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
- आयोजक
- महामना मालवीय मिशन
- पहली शृंखला
- 2023 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
25 दिसंबर 2025 को पंडित मदन मोहन मालवीय की संकलित रचनाओं की अंतिम शृंखला 'महामना वाङ्मय' किसने जारी की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन
PIB 2208546: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में महामना वाङ्मय जारी किया।
'महामना वाङ्मय' के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. दूसरी और अंतिम शृंखला में 12 खंड हैं। 2. इसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रकाशन विभाग प्रकाशित करता है। 3. पहली शृंखला प्रधानमंत्री ने 2023 में जारी की थी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
PIB 2208546: अंतिम शृंखला में 12 खंड (लगभग 3,500 पृष्ठ) हैं, प्रकाशन विभाग ने इसे प्रकाशित किया और पहली शृंखला 2023 में प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की। तीनों कथन सही हैं।