महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान में 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल
मकर संक्रांति पर संगम में पवित्र स्नान; असम का भोगाली बिहू पहली बार कुंभ में मनाया गया।
सारांश
महाकुंभ 2025 का पहला अमृत स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर प्रयागराज के संगम में हुआ, जिसमें शाम 5:30 बजे तक 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया, यह जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी। संगम गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम स्थल है। मेला क्षेत्र में 50,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए और घाटों की सफाई के लिए 'गंगा सेवा दूत' लगाए गए। असम का पारंपरिक त्योहार भोगाली बिहू पहली बार महाकुंभ में मनाया गया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 14 जनवरी 2025 (मकर संक्रांति)
- कार्यक्रम
- पहला अमृत स्नान, महाकुंभ 2025, संगम, प्रयागराज
- श्रद्धालु
- शाम 5:30 बजे तक 3.5 करोड़ से अधिक (यूपी सीएम)
- सुरक्षा
- 50,000 से अधिक कर्मी
- स्वच्छता
- घाटों पर गंगा सेवा दूत
- पहली बार
- महाकुंभ में भोगाली बिहू
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
14 जनवरी 2025 को महाकुंभ 2025 का पहला अमृत स्नान किस पर्व पर हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — मकर संक्रांति
पीआईबी (संस्कृति): पहला अमृत स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर हुआ।
2025 में महाकुंभ में पहली बार असम का कौन-सा पारंपरिक त्योहार मनाया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — भोगाली बिहू
पीआईबी: असम के पारंपरिक त्योहार भोगाली बिहू का पहली बार महाकुंभ 2025 में आयोजन हुआ।
आधिकारिक आंकड़े के अनुसार 14 जनवरी 2025 को शाम 5:30 बजे तक महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान में कितने श्रद्धालु शामिल हुए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 3.5 करोड़ से अधिक
पीआईबी: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार शाम 5:30 बजे तक 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।