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महाकुंभ 2025 का प्रयागराज में महाशिवरात्रि (26 फ़रवरी) पर समापन, 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में महाकुंभ 2025 का 26 फ़रवरी 2025 को महाशिवरात्रि स्नान के साथ समापन हुआ; सरकार के अनुसार 45 दिनों में कुल 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए।

सारांश

13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को शुरू हुआ प्रयागराज महाकुंभ 2025, 26 फ़रवरी 2025 को महाशिवरात्रि के स्नान के साथ संपन्न हुआ; यह मेले का छठा और अंतिम स्नान पर्व था। भारत सरकार के अनुसार 45 दिनों में 45 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान एक महीने के भीतर ही पार हो गया और समापन दिवस तक कुल संख्या 66 करोड़ से अधिक हो गई; उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के अनुसार अकेले अंतिम दिन 1.53 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया। कुंभ मेला चार स्थानों पर बारी-बारी से लगता है, प्रत्येक एक पवित्र नदी के तट पर: हरिद्वार (गंगा), उज्जैन (शिप्रा), नासिक (गोदावरी) और प्रयागराज (गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती का संगम)। यूनेस्को ने 2017 में कुंभ मेले को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया।

मुख्य तथ्य

समापन
26 फ़रवरी 2025, महाशिवरात्रि
स्थान
त्रिवेणी संगम, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
अवधि
13 जनवरी-26 फ़रवरी 2025 (45 दिन)
कुल श्रद्धालु
66 करोड़ से अधिक (अनुमान: 45 करोड़)
अंतिम दिन
1.53 करोड़ से अधिक (उ.प्र. अधिकारी)
कुंभ स्थल
हरिद्वार, उज्जैन, नासिक, प्रयागराज
यूनेस्को
अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची, 2017

अभ्यास MCQ 5 प्रश्न

Q1

प्रयागराज महाकुंभ 2025 का 26 फ़रवरी 2025 को किस पर्व के पवित्र स्नान के साथ समापन हुआ?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — महाशिवरात्रि

महाकुंभ 2025 का समापन 26 फ़रवरी 2025 को त्रिवेणी संगम पर महाशिवरात्रि स्नान के साथ हुआ।

Q2 उन्नत

भारत सरकार के अनुसार समापन दिवस तक महाकुंभ 2025 में कुल श्रद्धालुओं की संख्या कितनी रही?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 66 करोड़ से अधिक

सरकार के अनुसार 45 दिनों में 45 करोड़ का अनुमान एक महीने में ही पार हो गया और समापन दिवस तक संख्या 66 करोड़ से अधिक हो गई।

Q3 उन्नत

26 फ़रवरी 2025 का महाशिवरात्रि स्नान, पहले स्नान से गिनती करने पर, महाकुंभ 2025 का कौन-सा स्नान पर्व था?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — 6ठा

महाशिवरात्रि स्नान 45 दिन के महाकुंभ का छठा और अंतिम स्नान पर्व था।

Q4 उन्नत

कुंभ मेला भारत में चार स्थानों पर बारी-बारी से लगता है। निम्नलिखित में से कौन-सा उनमें से नहीं है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — वाराणसी

कुंभ मेला हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और प्रयागराज में बारी-बारी से लगता है; वाराणसी कुंभ स्थल नहीं है।

Q5 उन्नत

कुंभ मेले के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यूनेस्को ने इसे 2017 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया। 2. उज्जैन में कुंभ मेला गोदावरी नदी के तट पर लगता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — केवल 1

यूनेस्को ने 2017 में कुंभ मेले को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया, इसलिए पहला कथन सही है। उज्जैन का कुंभ शिप्रा के तट पर लगता है; गोदावरी नासिक की नदी है, इसलिए दूसरा कथन गलत है।

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