माहे श्रेणी का सातवां पनडुब्बी-रोधी उथले जल यान 'मछलीपट्टनम' लॉन्च
29 जुलाई 2026 को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे आठ माहे श्रेणी के पनडुब्बी-रोधी युद्धक उथले जल यानों में सातवां, 'मछलीपट्टनम' (BY 529) लॉन्च किया गया।
सारांश
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे आठ पनडुब्बी-रोधी युद्धक उथले जल यानों (ASW SWC) में सातवें, 'मछलीपट्टनम' (BY 529) को 29 जुलाई 2026 को श्रीमती गुलरुख आनंद ने सैन्य मामलों के विभाग के अपर सचिव वाइस एडमिरल अतुल आनंद की उपस्थिति में लॉन्च किया। जहाज का नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर मछलीपट्टनम पर रखा गया है। यह जल के भीतर निगरानी, पनडुब्बी-रोधी युद्ध, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों (LIMO) और माइन युद्ध के लिए सुसज्जित है तथा इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री है।
मुख्य तथ्य
- जहाज
- मछलीपट्टनम (BY 529)
- श्रेणी
- माहे श्रेणी ASW SWC – 8 में से 7वां
- निर्माता
- कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
- लॉन्च
- 29 जुलाई 2026, श्रीमती गुलरुख आनंद द्वारा
- नाम
- मछलीपट्टनम बंदरगाह शहर, कृष्णा जिला, आंध्र प्रदेश
- भूमिकाएं
- जल के भीतर निगरानी, ASW, LIMO, माइन युद्ध
- स्वदेशी सामग्री
- 80% से अधिक
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
29 जुलाई 2026 को लॉन्च 'मछलीपट्टनम' भारतीय नौसेना के किस श्रेणी के जहाजों से संबंधित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — माहे श्रेणी पनडुब्बी-रोधी युद्धक उथले जल यान
मछलीपट्टनम (BY 529) आठ माहे श्रेणी पनडुब्बी-रोधी युद्धक उथले जल यानों में सातवां है।
मछलीपट्टनम सहित माहे श्रेणी ASW उथले जल यानों का निर्माण कौन-सा शिपयार्ड कर रहा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
PIB के अनुसार मछलीपट्टनम कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा नौसेना के लिए बनाए जा रहे आठ ASW SWC में सातवां है।
जहाज 'मछलीपट्टनम' के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के एक ऐतिहासिक बंदरगाह शहर पर रखा गया है। 2. यह अपनी श्रेणी के आठ जहाजों में अंतिम है। 3. इसमें स्वदेशी सामग्री 80 प्रतिशत से अधिक है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — केवल 1 और 3
यह आठ ASW SWC में सातवां है, अंतिम नहीं। इसका नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम पर है और इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री है।