लोकसभा अध्यक्ष ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव स्वीकार किया, तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित की
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने की माँग वाला 146 सांसदों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव स्वीकार किया और आरोपों की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की।
सारांश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने की माँग वाला 146 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव स्वीकार किया; मार्च 2025 में दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवास पर जले हुए नोट मिले थे। न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 की धारा 3(2) के तहत अध्यक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य की जाँच समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट आने तक प्रस्ताव लंबित रहेगा, और यही रिपोर्ट संसद में बहस और मतदान का आधार बनेगी; यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहत है।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 12 अगस्त 2025
- स्वीकार किया
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
- प्रस्ताव
- 146 सांसदों के हस्ताक्षर
- न्यायाधीश
- न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
- कानून
- धारा 3(2), न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968
- समिति
- न्यायमूर्ति अरविंद कुमार (SC), मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव (मद्रास HC), बी.वी. आचार्य (वरिष्ठ अधिवक्ता)
- संविधान
- अनुच्छेद 124, 217 और 218
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
12 अगस्त 2025 को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव किसने स्वीकार किया और जाँच समिति गठित की?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 146 सांसदों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव स्वीकार किया और तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित की।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर आरोपों की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति किस कानून के तहत गठित की गई?
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सही उत्तर: C — न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968
अध्यक्ष ने न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 की धारा 3(2) के तहत समिति गठित की।
अगस्त 2025 में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा मामले में गठित जाँच समिति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसमें सर्वोच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश शामिल हैं। 2. इसे भारत के मुख्य न्यायाधीश ने गठित किया। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है: समिति में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार शामिल हैं। कथन 2 गलत है: समिति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हटाने का प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद गठित की।
निम्नलिखित में से कौन न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा मामले में गठित जाँच समिति का सदस्य नहीं है?
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सही उत्तर: D — न्यायमूर्ति संजीव खन्ना
समिति में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य शामिल हैं; संजीव खन्ना सदस्य नहीं हैं।