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लोकसभा ने स्पीकर ओम बिरला को हटाने का विपक्ष का प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज किया

11 मार्च 2026 को नई दिल्ली में लोकसभा ने अनुच्छेद 94(ग) के तहत स्पीकर ओम बिरला को हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया; लगभग चार दशक में यह ऐसा पहला प्रस्ताव था।

सारांश

11 मार्च 2026 को नई दिल्ली में लोकसभा ने स्पीकर ओम बिरला को हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव को लगभग 13 घंटे की बहस के बाद ध्वनिमत से खारिज कर दिया; बहस में 42 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण आचरण का आरोप लगाने वाला नोटिस 10 फरवरी को संविधान के अनुच्छेद 94(ग) के तहत दिया गया था, और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बहस शुरू की। पीठासीन जगदंबिका पाल थे, क्योंकि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन हो तब वे अध्यक्षता नहीं कर सकते। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की ओर से जवाब दिया और कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगभग चार दशक बाद आया है; नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर उनकी टिप्पणियों के विरोध में विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनिमत लिया गया। अनुच्छेद 94(ग) के अनुसार स्पीकर को केवल सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा, कम से कम 14 दिन के नोटिस के बाद, हटाया जा सकता है। इससे पहले ऐसे प्रस्ताव जी. वी. मावलंकर (1954), हुकम सिंह (1966) और बलराम जाखड़ (1987) के खिलाफ आए थे और सभी विफल रहे।

मुख्य तथ्य

तिथि / स्थान
11 मार्च 2026, लोकसभा, नई दिल्ली
परिणाम
प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज
नोटिस
10 फरवरी 2026, अनुच्छेद 94(ग) के तहत
बहस
~13 घंटे; 42+ सदस्य; गौरव गोगोई ने शुरुआत की
पीठासीन
जगदंबिका पाल
सरकार का जवाब
गृह मंत्री अमित शाह
अनुच्छेद 94(ग)
तत्कालीन समस्त सदस्यों का बहुमत; कम से कम 14 दिन का नोटिस
अनुच्छेद 96
स्पीकर अध्यक्षता नहीं कर सकते, पर बहस में बोल सकते हैं
पिछले प्रस्ताव
मावलंकर 1954, हुकम सिंह 1966, बलराम जाखड़ 1987 — सभी विफल

अभ्यास MCQ 5 प्रश्न

Q1

11 मार्च 2026 को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव का निपटारा कैसे हुआ?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — ध्वनिमत से खारिज

लगभग 13 घंटे की बहस के बाद विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया।

Q2 उन्नत

11 मार्च 2026 को स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बहस और मतदान के दौरान लोकसभा में पीठासीन कौन थे?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — जगदंबिका पाल

जगदंबिका पाल पीठासीन थे; अपने ही हटाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन होने पर स्पीकर अध्यक्षता नहीं कर सकते।

Q3 उन्नत

अनुच्छेद 94(ग) के तहत लोकसभा स्पीकर को हटाने के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्ताव सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित होना चाहिए। 2. प्रस्ताव लाने के इरादे का कम से कम 14 दिन का नोटिस देना आवश्यक है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों

दोनों सही हैं: अनुच्छेद 94(ग) में सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों का बहुमत (प्रभावी बहुमत, केवल उपस्थित और मतदान करने वाले नहीं) चाहिए, और इसके परंतुक में कम से कम 14 दिन का नोटिस आवश्यक है।

Q4 उन्नत

जब लोकसभा में स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन हो, तब स्पीकर के बारे में (अनुच्छेद 96) विचार कीजिए: 1. स्पीकर बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकते। 2. स्पीकर को सदन में बोलने का अधिकार है। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों

दोनों सही हैं: अनुच्छेद 96 के तहत हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन होने पर स्पीकर अध्यक्षता नहीं करते, पर बोल सकते हैं और कार्यवाही में भाग ले सकते हैं।

Q5 उन्नत

2026 से पहले लोकसभा स्पीकर को हटाने का अंतिम प्रस्ताव बलराम जाखड़ के खिलाफ किस वर्ष आया था?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 1987

पहले ऐसे प्रस्ताव जी. वी. मावलंकर (1954), हुकम सिंह (1966) और बलराम जाखड़ (1987) के खिलाफ आए थे; अमित शाह ने कहा कि 2026 का प्रस्ताव लगभग चार दशक बाद आया।

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