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केंद्र ने रडार गति मापक उपकरण के लिए विधिक माप विज्ञान नियम अधिसूचित किए

उपभोक्ता मामले विभाग ने 23 जनवरी 2025 को विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 के तहत वाहनों की गति मापने वाले रडार उपकरण के नियम अधिसूचित किए, जो 1 जुलाई 2025 से लागू होंगे।

सारांश

उपभोक्ता मामले विभाग के विधिक माप विज्ञान प्रभाग ने 23 जनवरी 2025 को विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 के तहत वाहनों की गति मापने वाले रडार उपकरण के नियम अधिसूचित किए। नियमों के अनुसार ऐसे सभी उपकरणों का सत्यापन और मुद्रांकन ज़रूरी होगा; उद्योग को अनुपालन का समय देने के लिए ये 1 जुलाई 2025 से लागू होंगे। मसौदा भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान (आईआईएलएम), रांची के निदेशक की अध्यक्षता वाली समिति ने ओआईएमएल आर 91 के आधार पर तैयार किया और सार्वजनिक परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया। रडार उपकरण डॉप्लर प्रभाव से गति की गणना करते हैं।

मुख्य तथ्य

अधिसूचित
23 जनवरी 2025
अंतर्गत
विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011
लागू
1 जुलाई 2025
आवश्यकता
सभी रडार गति उपकरणों का सत्यापन और मुद्रांकन
मसौदा समिति
अध्यक्ष: निदेशक, आईआईएलएम रांची
आधार
ओआईएमएल आर 91
सिद्धांत
डॉप्लर प्रभाव

अभ्यास MCQ 3 प्रश्न

Q1

जनवरी 2025 में अधिसूचित रडार गति मापक उपकरण के विधिक माप विज्ञान नियम कब से लागू होंगे?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — 1 जुलाई 2025

PIB 2095440: उद्योग को अनुपालन का समय देने के लिए नियम 1 जुलाई 2025 से लागू होंगे।

Q2 उन्नत

रडार गति मापक उपकरण के मसौदा नियम किस अंतरराष्ट्रीय अनुशंसा पर आधारित थे?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — ओआईएमएल आर 91

PIB 2095440: समिति ने प्रारंभिक मसौदा ओआईएमएल आर 91 के आधार पर दिया।

Q3 उन्नत

रडार उपकरण के मसौदा नियम बनाने वाली समिति की अध्यक्षता किस संस्थान के निदेशक ने की?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान, रांची

PIB 2095440: समिति भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्थान (आईआईएलएम), रांची के निदेशक की अध्यक्षता में बनी।

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