उच्च क्षमता तौल उपकरणों के लिए मानक बाट घटाने हेतु विधिक माप विज्ञान नियम संशोधित
उपभोक्ता मामले विभाग ने विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 में संशोधन कर एक टन और अधिक क्षमता वाले उपकरणों के सत्यापन के लिए आवश्यक मानक बाट 50% से घटाकर 20% कर दिए।
सारांश
उपभोक्ता मामले विभाग ने उच्च क्षमता वाले तौल उपकरणों के सत्यापन के लिए आवश्यक मानक बाट घटाने हेतु विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 में संशोधन किया है, जिसकी घोषणा 6 जुलाई 2026 को हुई। पहले एक टन और उससे अधिक क्षमता वाले उपकरणों के सत्यापन में कम से कम एक टन या अधिकतम क्षमता का 50%, जो भी अधिक हो, मानक बाट लगाने पड़ते थे। नई पुनरावृत्ति-आधारित पद्धति में सफल पुनरावृत्ति परीक्षण के बाद यह आवश्यकता अधिकतम क्षमता के पाँचवें हिस्से (20%) तक घट गई है।
मुख्य तथ्य
- नियम
- विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011
- पहले
- अधिकतम क्षमता का 50%
- अब
- 20% (पाँचवाँ हिस्सा)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जुलाई 2026 में उच्च क्षमता तौल उपकरणों के सत्यापन को आसान बनाने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने कौन-से नियम संशोधित किए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011
विभाग ने विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 में संशोधन किया।
2026 के संशोधन के बाद, पुनरावृत्ति परीक्षण पास होने पर, प्रतिस्थापन से पहले मानक बाट अधिकतम क्षमता का कितना हिस्सा होने चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 20% (पाँचवाँ हिस्सा)
आवश्यकता अधिकतम क्षमता के 50% से घटाकर पाँचवें हिस्से (20%) तक कर दी गई।