केरल की साक्षरता कार्यकर्ता और पद्मश्री सम्मानित के.वी. राबिया का निधन
पोलियो के बाद व्हीलचेयर से काम करने वाली केरल की पद्मश्री सम्मानित साक्षरता कार्यकर्ता के.वी. राबिया का 4 मई 2025 को मलप्पुरम के तिरूरंगाडी में 59 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
सारांश
केरल के साक्षरता आंदोलन में अपनी भूमिका के लिए जानी जाने वाली साक्षरता कार्यकर्ता के.वी. राबिया का 4 मई 2025 को मलप्पुरम ज़िले के तिरूरंगाडी में 59 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 14 वर्ष की आयु में पोलियो से ग्रस्त होकर व्हीलचेयर पर रहते हुए उन्होंने सैकड़ों लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाया और स्वैच्छिक संगठन 'चलनम' की स्थापना की, जिसने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और दिव्यांगजनों के पुनर्वास में काम किया। उन्हें 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनकी आत्मकथा 'स्वप्नंगलक्कु चिरकुकलुंडु' का अर्थ 'सपनों के पंख होते हैं' है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि साक्षरता सुधार में उनका अग्रणी कार्य सदा याद रखा जाएगा।
मुख्य तथ्य
- निधन
- 4 मई 2025, तिरूरंगाडी, मलप्पुरम
- आयु
- 59
- संगठन
- चलनम
- सम्मान
- पद्मश्री, 2022
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मई 2025 में दिवंगत केरल की साक्षरता कार्यकर्ता के.वी. राबिया को पद्मश्री किस वर्ष मिला?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 2022
उन्हें 2022 में पद्मश्री मिला।
के.वी. राबिया के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने स्वैच्छिक संगठन 'चलनम' की स्थापना की। 2. उनकी आत्मकथा के शीर्षक का अर्थ 'सपनों के पंख होते हैं' है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं, द हिंदू और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार।