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कथक नृत्यांगना कुमुदिनी लाखिया का निधन

अहमदाबाद में कदंब नृत्य केंद्र की संस्थापक और 2025 की पद्म विभूषण सम्मानित प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना व कोरियोग्राफर कुमुदिनी लाखिया का 12 अप्रैल 2025 को निधन हो गया; राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया।

सारांश

75 वर्षों से अधिक के नृत्य करियर वाली कथक नृत्यांगना कुमुदिनी लाखिया का 12 अप्रैल 2025 को अहमदाबाद स्थित उनके घर पर निधन हो गया। 17 मई 1930 को जन्मी लाखिया ने नर्तक राम गोपाल की साथी के रूप में नृत्य शुरू किया और बाद में भारत सरकार की छात्रवृत्ति पर नई दिल्ली के श्रीराम भारतीय कला केंद्र में शंभू महाराज से कथक सीखा। उन्होंने 1964 में अहमदाबाद में कदंब नृत्य केंद्र की स्थापना की और 1973 में कोरियोग्राफी शुरू की, जिससे कथक को समकालीन व्याख्याएँ मिलीं। उन्हें पद्म श्री (1987) और पद्म भूषण (2010) मिले; आधिकारिक प्रशस्ति में 2025 का पद्म विभूषण मरणोपरांत दर्ज है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शोक व्यक्त किया।

मुख्य तथ्य

कला
कथक
जन्म
17 मई 1930
गुरु
शंभू महाराज
संस्था
कदंब नृत्य केंद्र, अहमदाबाद (1964)
पद्म सम्मान
पद्म श्री 1987, पद्म भूषण 2010, पद्म विभूषण 2025 (मरणोपरांत)

अभ्यास MCQ 3 प्रश्न

Q1

12 अप्रैल 2025 को दिवंगत कुमुदिनी लाखिया किस शास्त्रीय नृत्य शैली की प्रसिद्ध कलाकार थीं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — कथक

कथक: उनका नृत्य करियर 75 वर्षों से अधिक का था और उन्होंने अहमदाबाद में कदंब नृत्य केंद्र की स्थापना की।

Q2 उन्नत

कुमुदिनी लाखिया ने नई दिल्ली के श्रीराम भारतीय कला केंद्र में किस गुरु से कथक सीखा?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — शंभू महाराज

शंभू महाराज, भारत सरकार की छात्रवृत्ति पर, उनकी आधिकारिक पद्म प्रशस्ति के अनुसार।

Q3 उन्नत

कुमुदिनी लाखिया के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्हें 2010 में पद्म भूषण मिला। 2. उन्हें 2025 में पद्म विभूषण प्रदान किया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों

दोनों सही हैं। आधिकारिक प्रशस्ति में पद्म श्री (1987) और पद्म भूषण (2010) दर्ज हैं; 2025 का पद्म विभूषण मरणोपरांत दर्ज है।

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