कोडाइकनाल वेधशाला की सदी पुरानी तस्वीरों से सूर्य के पिछले ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र का पता
DST ने 19 नवंबर 2025 को बताया कि आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान (ARIES) के नेतृत्व में खगोलविदों ने कोडाइकनाल सौर वेधशाला की ऐतिहासिक तस्वीरों से पिछली एक सदी के सूर्य के ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र का पुनर्निर्माण किया है।
सारांश
दिब्य कीर्ति मिश्रा के नेतृत्व वाली ARIES टीम ने कोडाइकनाल सौर वेधशाला (KoSO) द्वारा 1904 से दर्ज Ca II K तस्वीरों और इटली के रोम-PSPT डेटा से सूर्य के ध्रुवों के पास के छोटे चमकीले क्षेत्रों — पोलर नेटवर्क — का अध्ययन किया। इसे 1904–2022 के दौरान ध्रुवीय क्षेत्र की तीव्रता के प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिससे 1970 के दशक में प्रत्यक्ष माप शुरू होने से पहले का अंतराल भरा, और चल रहे सौर चक्र 25 की तीव्रता का अनुमान लगाया गया। KoSO भारतीय तारा भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु का फील्ड स्टेशन है और डेटा GitHub व Zenodo पर निःशुल्क उपलब्ध है।
मुख्य तथ्य
- प्रमुख संस्थान
- ARIES (DST)
- डेटा
- 1904 से कोडाइकनाल सौर वेधशाला की Ca II K तस्वीरें
- प्रॉक्सी
- पोलर नेटवर्क → ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र
- पुनर्निर्मित अवधि
- 1904–2022
- उपयोग
- सौर चक्र 25 की तीव्रता का अनुमान
- KoSO
- IIA, बेंगलुरु का फील्ड स्टेशन
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
कोडाइकनाल सौर वेधशाला के डेटा से सूर्य के पिछले ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्रों का पुनर्निर्माण करने वाले अध्ययन (नवंबर 2025) का नेतृत्व किस संस्थान ने किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान
अध्ययन का नेतृत्व DST के स्वायत्त संस्थान ARIES ने किया। KoSO स्वयं भारतीय तारा भौतिकी संस्थान का फील्ड स्टेशन है।
कोडाइकनाल सौर वेधशाला किस वर्ष से Ca II K तरंगदैर्ध्य में सूर्य का अवलोकन कर रही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 1904
KoSO ने 1904 में ही Ca II K तरंगदैर्ध्य में सूर्य का अवलोकन शुरू कर दिया था।