डाक विभाग ने 'नो योर DIGIPIN' और 'नो योर पिन कोड' पोर्टल शुरू किए
डाक विभाग ने 27 मई 2025 को भारत की पता-प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 के अनुरूप 'नो योर DIGIPIN' और 'नो योर पिन कोड' वेब पोर्टल शुरू किए।
सारांश
'नो योर DIGIPIN' और 'नो योर पिन कोड' वेब पोर्टल संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने 27 मई 2025 को राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 के अनुरूप शुरू किए। DIGIPIN (डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर) एक ओपन-सोर्स, अंतरसंचालनीय, भू-कोडित, ग्रिड-आधारित डिजिटल पता प्रणाली है, जिसे डाक विभाग ने IIT हैदराबाद और NRSC, ISRO के सहयोग से विकसित किया है। यह उपयोगकर्ताओं, सरकारी संस्थाओं और निजी संगठनों के बीच सुरक्षित और कुशल संवाद के लिए विभाग की 'एड्रेस-ऐज़-ए-सर्विस' (AaaS) परिकल्पना का आधार है।
मुख्य तथ्य
- शुरुआत
- 27 मई 2025, डाक विभाग
- पोर्टल
- नो योर DIGIPIN; नो योर पिन कोड
- DIGIPIN
- ओपन-सोर्स, भू-कोडित, ग्रिड-आधारित डिजिटल पता प्रणाली
- सहयोग से विकसित
- IIT हैदराबाद और NRSC, ISRO
- नीति
- राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022
- परिकल्पना
- एड्रेस-ऐज़-ए-सर्विस (AaaS)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
DIGIPIN, जिसके लिए डाक विभाग ने मई 2025 में 'नो योर DIGIPIN' पोर्टल शुरू किया, किन संस्थानों के सहयोग से विकसित हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — IIT हैदराबाद और NRSC, ISRO
DIGIPIN को डाक विभाग ने IIT हैदराबाद और NRSC, ISRO के साथ मिलकर विकसित किया।
DIGIPIN के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह एक ओपन-सोर्स, भू-कोडित, ग्रिड-आधारित डिजिटल पता प्रणाली है। 2. 'नो योर DIGIPIN' पोर्टल राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 के अनुरूप शुरू किया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
संचार मंत्रालय के अनुसार दोनों कथन सही हैं।