दिल्ली–हावड़ा कॉरिडोर के प्रयागराज–कानपुर खंड के 190 रूट किमी पर कवच चालू
22 मार्च 2026 को भारतीय रेल ने उत्तर प्रदेश में 190 रूट किमी के प्रयागराज–कानपुर खंड पर स्वदेशी कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली चालू की, जिससे दिल्ली–हावड़ा उच्च-घनत्व कॉरिडोर पर 160 किमी प्रति घंटे संचालन का रास्ता खुला।
सारांश
भारतीय रेल ने 22 मार्च 2026 को दिल्ली–हावड़ा उच्च-घनत्व कॉरिडोर के प्रयागराज (छोड़कर)–कानपुर (छोड़कर) खंड के 190 रूट किलोमीटर पर कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली ट्रेन संख्या 14163 के माध्यम से चालू की। पहले चरण में आठ जोड़ी ट्रेनों में कवच सक्षम किया गया है; अन्य ट्रेनें और वंदे भारत क्रमशः जोड़ी जाएंगी। चालू करने से पहले 8, 16 और 22 LHB कोच वाले WAP-7 इंजनों और 20 कोच वाले वंदे भारत रेक से परीक्षण हुए तथा 20,000 किमी से अधिक यात्री परीक्षण पूरे किए गए। कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा देता है, खतरे पर सिग्नल पार करने (SPAD) को रोकता है और मानवीय चूक पर स्वतः ब्रेक लगाता है; यह इस कॉरिडोर पर 160 किमी प्रति घंटे संचालन की दिशा में मील का पत्थर है।
मुख्य तथ्य
- प्रणाली
- कवच – स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा
- खंड
- प्रयागराज–कानपुर, 190 रूट किमी, दिल्ली–हावड़ा कॉरिडोर
- चालू
- 22 मार्च 2026, ट्रेन संख्या 14163 के माध्यम से
- पहला चरण
- 8 जोड़ी ट्रेनें; वंदे भारत बाद में
- परीक्षण
- 8/16/22 LHB कोच के साथ WAP-7, 20 कोच वंदे भारत; 20,000+ किमी यात्री परीक्षण
- लाभ
- 160 किमी प्रति घंटे संचालन
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
मार्च 2026 में प्रयागराज–कानपुर खंड पर चालू किया गया कवच क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली
कवच स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है जो खतरे पर सिग्नल पार करना रोकती है और स्वतः ब्रेक लगाती है।
22 मार्च 2026 को प्रयागराज–कानपुर खंड के कितने रूट किलोमीटर पर कवच चालू किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 190 रूट किमी
कवच दिल्ली–हावड़ा कॉरिडोर के 190 रूट किमी के प्रयागराज (छोड़कर)–कानपुर (छोड़कर) खंड पर चालू किया गया।
22 मार्च 2026 को कवच चालू होने के बारे में विचार कीजिए: 1. यह खंड दिल्ली–मुंबई उच्च-घनत्व कॉरिडोर पर है। 2. चालू करने से पहले 20,000 किमी से अधिक यात्री परीक्षण पूरे किए गए। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
प्रयागराज–कानपुर खंड दिल्ली–हावड़ा कॉरिडोर पर है, इसलिए कथन 1 गलत है; 20,000 किमी से अधिक यात्री परीक्षण पूरे हुए।