कन्याकुमारी: समुद्र पर भारत का पहला कांच का पुल तिरुवल्लुवर प्रतिमा और विवेकानंद रॉक मेमोरियल को जोड़ता है
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 30 दिसंबर 2024 को कन्याकुमारी में कांच के पुल का उद्घाटन किया।
सारांश
समुद्र पर भारत के पहले कांच के पुल का उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 30 दिसंबर 2024 को कन्याकुमारी में किया। यह पुल तिरुवल्लुवर प्रतिमा और विवेकानंद रॉक मेमोरियल को जोड़ता है, जिससे पर्यटक नीचे समुद्र देखते हुए दोनों स्थलों के बीच पैदल जा सकते हैं। ₹37 करोड़ की लागत से बना यह पुल 77 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा है। उद्घाटन तिरुवल्लुवर प्रतिमा की स्थापना की रजत जयंती पर राज्य सरकार के समारोहों का हिस्सा था।
मुख्य तथ्य
- उद्घाटन
- 30 दिसंबर 2024, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन
- पहला
- समुद्र पर भारत का पहला कांच का पुल
- जोड़ता है
- तिरुवल्लुवर प्रतिमा और विवेकानंद रॉक मेमोरियल, कन्याकुमारी
- आकार
- 77 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा
- लागत
- ₹37 करोड़
- अवसर
- तिरुवल्लुवर प्रतिमा की स्थापना की रजत जयंती
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
30 दिसंबर 2024 को कन्याकुमारी में उद्घाटित समुद्र पर भारत का पहला कांच का पुल किन दो स्थलों को जोड़ता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — तिरुवल्लुवर प्रतिमा और विवेकानंद रॉक मेमोरियल
द हिंदू/कन्याकुमारी जिला: कांच का पुल तिरुवल्लुवर प्रतिमा और विवेकानंद रॉक मेमोरियल को जोड़ता है।
दिसंबर 2024 में कन्याकुमारी में उद्घाटित समुद्र पर बने कांच के पुल की लंबाई कितनी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 77 मीटर
द हिंदू/कन्याकुमारी जिला: पुल 77 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा है; ₹37 करोड़ इसकी लागत थी।
कन्याकुमारी कांच के पुल का उद्घाटन किसकी रजत जयंती समारोह के हिस्से के रूप में किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — तिरुवल्लुवर प्रतिमा की स्थापना
द हिंदू: पुल का उद्घाटन तिरुवल्लुवर प्रतिमा की स्थापना की रजत जयंती समारोह के हिस्से के रूप में किया गया।