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अहमदाबाद का कांकरिया कोचिंग डिपो भारत का पहला जल-तटस्थ कोचिंग डिपो बना

रेल मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को बताया कि अहमदाबाद, गुजरात का कांकरिया कोचिंग डिपो भारत का पहला जल-तटस्थ कोचिंग डिपो बन गया है, जो फ़ाइटोरेमेडिएशन आधारित अपशिष्ट जल शोधन से प्रतिदिन लगभग 1.60 लाख लीटर पानी बचाता है।

सारांश

रेल मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को बताया कि अहमदाबाद, गुजरात का कांकरिया कोचिंग डिपो भारत का पहला जल-तटस्थ कोचिंग डिपो बन गया है। डिपो कोच धुलाई और रखरखाव से निकले अपशिष्ट जल को फ़ाइटोरेमेडिएशन से शुद्ध करता है — एक प्रक्रिया जिसमें आर्द्रभूमि आधारित प्रणाली में पौधे अशुद्धियाँ सोखते हैं — फिर कार्बन व रेत निस्पंदन और UV कीटाणुशोधन के बाद पानी को कार्यों में दोबारा उपयोग करता है। इससे प्रतिदिन लगभग 1.60 लाख लीटर, यानी वर्ष में लगभग 5.84 करोड़ लीटर पानी बचता है।

मुख्य तथ्य

डिपो
कांकरिया कोचिंग डिपो, अहमदाबाद (गुजरात)
विशेषता
भारत का पहला जल-तटस्थ कोचिंग डिपो
तकनीक
फ़ाइटोरेमेडिएशन (आर्द्रभूमि पौधे) + कार्बन/रेत निस्पंदन + UV
जल बचत
~1.60 लाख लीटर/दिन; ~5.84 करोड़ लीटर/वर्ष

अभ्यास MCQ 2 प्रश्न

Q1

अप्रैल 2026 में रेलवे द्वारा घोषित भारत का पहला जल-तटस्थ कोचिंग डिपो कहाँ है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — अहमदाबाद

कांकरिया कोचिंग डिपो अहमदाबाद, गुजरात में है।

Q2 उन्नत

कांकरिया कोचिंग डिपो में अपशिष्ट जल शोधन 'फ़ाइटोरेमेडिएशन' पर आधारित है। इसका अर्थ है:

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — पानी से अशुद्धियाँ हटाने के लिए पौधों का उपयोग

फ़ाइटोरेमेडिएशन एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें पानी शुद्ध करने के लिए पौधों का उपयोग होता है; डिपो आर्द्रभूमि आधारित प्रणाली अपनाता है।

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