कामराजर बंदरगाह 18 मीटर ड्राफ्ट वाला भारत का दूसरा प्रमुख बंदरगाह बना
कामराजर बंदरगाह लगभग ₹440 करोड़ की कैपिटल ड्रेजिंग फ़ेज़ VI पूरी कर विशाखापत्तनम के बाद 18 मीटर ड्राफ्ट वाला भारत का दूसरा प्रमुख बंदरगाह बन गया।
सारांश
कामराजर पोर्ट लिमिटेड ने कैपिटल ड्रेजिंग फ़ेज़ VI परियोजना पूरी कर ली है, जिसकी घोषणा बंदरगाह मंत्रालय ने 7 जुलाई 2026 को की; अब इसका परिचालन ड्राफ्ट 18 मीटर है। कामराजर, विशाखापत्तनम बंदरगाह के बाद 18 मीटर ड्राफ्ट वाला भारत का दूसरा प्रमुख बंदरगाह है और 1,70,000 DWT तक के पूरी तरह लदे केपसाइज़ जहाज़ संभाल सकता है। लगभग ₹440 करोड़ की परियोजना में बाहरी पहुँच चैनल 20 से 23 मीटर और आंतरिक प्रवेश चैनल 19 से 22 मीटर गहरा किया गया। चेन्नई से लगभग 24 किमी उत्तर में स्थित कामराजर बंदरगाह भारत का पहला निगमित प्रमुख बंदरगाह है।
मुख्य तथ्य
- ड्राफ्ट
- 18 मीटर
- पहला
- विशाखापत्तनम
- क्षमता
- 1,70,000 DWT तक केपसाइज़ जहाज़
- लागत
- लगभग ₹440 करोड़
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जुलाई 2026 में कामराजर 18 मीटर ड्राफ्ट वाला भारत का दूसरा प्रमुख बंदरगाह बना। पहला कौन था?
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सही उत्तर: C — विशाखापत्तनम बंदरगाह
PIB के अनुसार विशाखापत्तनम के बाद कामराजर 18 मीटर ड्राफ्ट वाला दूसरा प्रमुख बंदरगाह है।
कैपिटल ड्रेजिंग फ़ेज़ VI के बाद कामराजर बंदरगाह कितने तक के कार्गो वाले केपसाइज़ जहाज़ संभाल सकता है?
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सही उत्तर: D — 1,70,000 DWT
बंदरगाह अब 1,70,000 DWT तक के पूरी तरह लदे केपसाइज़ जहाज़ संभाल सकता है।
भारत का पहला निगमित (कंपनी के रूप में पंजीकृत) प्रमुख बंदरगाह कौन-सा है?
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सही उत्तर: A — कामराजर बंदरगाह
कामराजर पोर्ट लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट इसे देश का पहला निगमित प्रमुख बंदरगाह बताती है; अक्टूबर 1999 में यह एन्नोर पोर्ट लिमिटेड के रूप में निगमित हुआ था।