सिद्धार्थनगर में कालानमक चावल उत्पादन 2018 से पाँच गुना से अधिक बढ़ा
कृषि मंत्रालय ने 11 अगस्त 2026 को बताया कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले में कालानमक चावल का उत्पादन 2018 से 2025 के बीच पाँच गुना से अधिक बढ़ा और इसका मूल्य ₹40/किग्रा से बढ़कर ₹150/किग्रा हो गया।
सारांश
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 11 अगस्त 2026 को संसद में बताया कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले में कालानमक चावल का उत्पादन 2018 से 2025 के बीच पाँच गुना से अधिक बढ़ा। इसका विक्रय मूल्य 2018 के ₹40/किग्रा से बढ़कर 2026 में ₹150/किग्रा हो गया, और इसे उगाने वाले किसानों की संख्या 2018 के 2,915 से बढ़कर 2024 में 23,000 हो गई। कालानमक प्रसंस्करण इकाइयों को PMFME और राज्य-वित्तपोषित ODOP मार्जिन मनी योजना के तहत 35% तक ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी मिलती है।
मुख्य तथ्य
- फ़सल
- कालानमक चावल
- ज़िला
- सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
- उत्पादन
- 2018 से 2025 के बीच 5 गुना से अधिक
- मूल्य
- ₹40/किग्रा (2018) → ₹150/किग्रा (2026)
- किसान
- 2,915 (2018) → 23,000 (2024)
- सहायता
- PMFME, ODOP मार्जिन मनी – 35% तक सब्सिडी
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
अगस्त 2026 में कृषि मंत्रालय के अनुसार उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले में किस चावल किस्म का उत्पादन 2018 से 2025 के बीच पाँच गुना से अधिक बढ़ा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — कालानमक
सिद्धार्थनगर में कालानमक चावल का उत्पादन पाँच गुना से अधिक बढ़ा, और इसका मूल्य 2018 के ₹40/किग्रा से 2026 में ₹150/किग्रा हो गया।