केंद्र ने कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश जॉयमाल्य बागची की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति अधिसूचित की; 2031 में CJI बनने की कतार में
केंद्र ने 10 मार्च 2025 को अनुच्छेद 124(2) के तहत कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति अधिसूचित की; वे मई 2031 में भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं।
सारांश
न्याय विभाग ने 10 मार्च 2025 को संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति अधिसूचित की। CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाले सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 6 मार्च को सर्वसम्मति से उनकी सिफ़ारिश की थी और कहा था कि 18 जुलाई 2013 को न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर की सेवानिवृत्ति के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय से कोई मुख्य न्यायाधीश नहीं बना, तथा सर्वोच्च न्यायालय में कलकत्ता उच्च न्यायालय से केवल एक न्यायाधीश थे। उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता में 11वें स्थान पर रहे न्यायमूर्ति बागची 27 जून 2011 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में नियुक्त हुए, जनवरी 2021 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय स्थानांतरित हुए और नवंबर 2021 में लौटे। वरिष्ठता के अनुसार वे 25 मई 2031 को न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की सेवानिवृत्ति के बाद CJI बनेंगे और 2 अक्टूबर 2031 तक रहेंगे। उनके कार्यभार ग्रहण से न्यायालय की कार्यरत संख्या स्वीकृत 34 के मुक़ाबले 33 हो जाती है। इसी अधिसूचना से तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों — वसीम सादिक़ नरगल, राजेश सेखरी और मोहम्मद यूसुफ़ वानी — को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।
मुख्य तथ्य
- अधिसूचना
- 10 मार्च 2025 (कॉलेजियम सिफ़ारिश: 6 मार्च)
- प्रावधान
- अनुच्छेद 124(2)
- मूल न्यायालय
- कलकत्ता उच्च न्यायालय (27 जून 2011 से न्यायाधीश)
- CJI कतार
- 25 मई 2031 से 2 अक्टूबर 2031
- कलकत्ता HC से अंतिम CJI
- अल्तमस कबीर (18 जुलाई 2013 को सेवानिवृत्त)
- SC संख्या
- उनके आने के बाद स्वीकृत 34 में से 33
अभ्यास MCQ 5 प्रश्न
10 मार्च 2025 को जिनकी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति अधिसूचित हुई, वे न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची किस उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे?
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सही उत्तर: D — कलकत्ता उच्च न्यायालय
न्यायमूर्ति बागची कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे, जहाँ उनकी नियुक्ति 27 जून 2011 को हुई थी।
राष्ट्रपति ने न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची को संविधान के किस प्रावधान के तहत सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया?
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सही उत्तर: D — अनुच्छेद 124(2)
10 मार्च 2025 की अधिसूचना में अनुच्छेद 124 के खंड (2) का उल्लेख है, जिसके तहत राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त करते हैं।
मार्च 2025 में कॉलेजियम के अनुसार न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पदोन्नति से पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतिम भारत के मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
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सही उत्तर: A — न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर
कॉलेजियम ने कहा कि 18 जुलाई 2013 को न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर की सेवानिवृत्ति के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय से कोई CJI नहीं बना।
न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की नियुक्ति से सर्वोच्च न्यायालय की कार्यरत संख्या 33 हो गई, जबकि स्वीकृत संख्या है:
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सही उत्तर: C — 34
मुख्य न्यायाधीश सहित सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृत संख्या 34 न्यायाधीश है।
मार्च 2025 में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पदोन्नति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता में पहले स्थान पर थे। 2. वरिष्ठता के अनुसार वे मई 2031 से 2 अक्टूबर 2031 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं। उपरोक्त में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 2
कथन 1 ग़लत है: कॉलेजियम के अनुसार वे संयुक्त अखिल भारतीय वरिष्ठता में 11वें स्थान पर थे और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का भी हवाला दिया गया। कथन 2 सही है।